कांधला। हेपेटाइटिस-सी से पीड़ित एक महिला की मेरठ के एक निजी चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। उधर, ग्रामीणों ने कहा कि गांव में पीने योग्य पानी नहीं है। नतीजतन लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ गए हैं।
ग्रामीण मांगेराम के अनुसार उसकी पत्नी सुनीता (32) को हेपेटाइटिस-सी से पीड़ित होने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई थी। उसका उपचार मेरठ के निजी चिकित्सालय में चल रहा था। रविवार दोपहर उपचार के दौरान महिला की हालत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। महिला का शव शाम के समय गांव में पहुंचा। गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। महिला की मौत से परिवार के लोगों में मातम पसरा है।
उधर, ग्रामीणों ने बताया कि उनका गांव सुन्ना कृष्णा नदी के किनारे पर बसा है। इस गांव में पानी पीने योग्य नहीं है। इसकी शिकायत पूर्व में कई बार ग्रामीण प्रशासन से कर चुके हैं, लेकिन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई । गांव में पीने का पानी दूषित होने के कारण लोगों में बीमारी जन्म ले रही है। काफी लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आकर अपना उपचार अन्यत्र करा रहे हैं।
ग्रामीण देवेंद्र, नरेंद्र, अमीन, विनीत, अमित, सोनू, नीलकमल, राहुल आदि के अनुसार कुछ समय पूर्व जांच टीम के लोगों ने भी गांव मे पहुंचकर जब पानी की जांच की थी, तो पानी पीने योग्य नहीं होना बताया गया था। सरकारी हैंडपंपों से पानी पीला आ रहा है। गांव के लोग इस पानी को पीने के बाद लगातार पीलिया जैसी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं, जो कि घातक सिद्ध हो रही है। चिकित्सा प्रभारी कांति प्रसाद ने बताया कि हेपेटाइटिस-सी को हो ग्रामीण इलाकों में काले पीलिया के नाम से जाता है।