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Shamli News: वायरल लोड की जांच के लिए भटक रहे हेपेटाइटिस के मरीज

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- सीएचसी शामली पर चार माह से नहीं लिए जा रहे सैंपल
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- सहारनपुर राजकीय अस्पताल ने शामली के सैंपल लेने से किया इंकार
- वायरल लोड की जांच के बिना मरीजों को नहीं मिल रहा सही उपचार
संजीव शर्मा
शामली। जिले में हेपेटाइटिस के मरीज हर महीने सामने आ रहे हैं, लेकिन हेपेटाइटिस बी व सी के वायरल लोड की जांच के लिए चार माह से सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। सीएचसी शामली पर महीने में दो बार सैंपल लेने के लिए शिविर लगाया जाता था। सैंपल न लिए जाने से मरीज भटक रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि सहारनपुर मेडिकल कॉलेज ने किट न होने की बात कहकर शामली से सैंपल भेजने से मना कर रखा है।
जिले में हर महीने 250 से 300 नए मरीज हेपेटाइटिस बी व सी के सामने आ रहे हैं। इनमें अधिकतर मरीज कैराना और कांधला ब्लाक में मिल रहे हैं। अन्य ब्लाक में इस रोग के मरीज बहुत कम हैं। वर्तमान में जिले में हेपेटाइटिस बी के 100 व हेपेटाइटिस सी के 500 से ज्यादा मरीजों का उपचार चल रहा है। सभी पंजीकृत मरीजों को जिला अस्पताल से निशुल्क दवा दी जाती है। जिले में हेपेटाइटिस बी व सी के वायरल लोड की जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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इस वजह से वायरल लोड की जांच के लिए हर महीने की दस व 25 तारीख को सीएचसी शामली की पैथोलोजी लैब पर हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों के सैंपल लेने की व्यवस्था की गई है। सैंपलों को सहारनपुर राजकीय अस्तपाल में भेजा जाता था। पिछले चार माह से यानि अप्रैल से हेपेटाइटिस के मरीजों के सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। वायरल लोड की जांच को सैंपल देने के लिए मरीज भटक रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
सीएचसी के पैथोलोजिस्ट डॉ. अनुपम सक्सेना ने बताया कि हेपेटाइटिस के मरीजों में वायरल लोड की जांच के लिए सैंपल लेने का शिविर अप्रैल से नहीं लग पाया है। इसकी वजह ये है कि सहारनपुर राजकीय अस्पताल ने किट उपलब्ध न होना बताकर सैंपल भेजने से मना किया हुआ है। जब किट उपलब्ध होगी तब मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे। संवाद
150 से 200 मरीजों के लिए जाते थे सैंपल
सीएचसी शामली पर लगने वाले प्रत्येक शिविर में हेपेटाइटिस बी व सी के लगभग 150 से 200 मरीजों के सैंपल लिए जाते थे, लेकिन अब शिविर न लगने की वजह से मरीज परेशान हैं। मरीज सैंपल देने के लिए आते है, लेकिन निराश होकर जाने को मजबूर रहते हैं।
वायरल लोड की जांच के बाद होता है सही उपचार
सीएचसी के चिकित्सक डॉ. बिजेंद्र सिंह का कहना है कि हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों में वायरल लोड यानि संक्रमण कितना है, इसकी जांच करने के लिए मरीज का सैंपल लिया जाता है। जांच के बाद वायरल लोड के अनुसार ही मरीज को दवा दी जाती है। वायरल लोड की जांच के बाद ही मरीज का सही उपचार शुरू होता है।
ये बोले मरीज:
कैराना क्षेत्र के राकेश कुमार ने बताया कि वह हेपेटाइटिस सी की वायरल लोड की जांच के लिए सीएचसी पर सैंपल देने के लिए दो बार आ चुका है, लेकिन हर बार यहीं कहा जाता है कि इस बार सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। अगली बार आना।
कांधला क्षेत्र के रामपाल ने कहा वह हेपेटाइटिस बी से पीड़ित है। वह दो माह से वायरल लोड की जांच कराने के लिए सीएचसी पर कई बार आ चुका है, लेकिन उसका सैंपल नहीं लिया जा रहा है। उसे हर बार टरकाया जा रहा है।
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कैराना निवासी याकूब ने कहा कि डाक्टरों ने उसे हेपेटाइटिस सी की बीमारी बताई है। उसे कहा गया है कि वायरल लोड की जांच करानी होगी। वह तीन बार सैंपल देने के लिए आ चुका है, लेकिन उसे कहा जाता है कि सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। इसलिए हर बार उसे निराश होकर जाना पड़ता है।
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