शामली। कस्बा झिंझाना में गन्ने से लदे ओवरलोड ट्रक के पलटने से गांव लपराना निवासी एक परिवार के भाई बहन समेत तीन सदस्यों की मौत के दो दिन बाद पुलिस ने ओवरलोड ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। अब दिन के समय झिंझाना से गन्ने से लदे ट्रकों पर रोक लगा दी गई है। गन्ने से लदे ट्रक रात में ही निकाले जाएंगे। साथ ही पुलिस व एआरटीओ विभाग मिलकर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाएगा।
कस्बा झिंझाना में ऊन मार्ग पर दो दिन पहले शनिवार की शाम को ओवरलोड गन्ने से लदा ट्रक पलट गया था। ट्रक के नीचे दबकर गांव लपराना निवासी जोनी के पुत्र अजय कश्यप (18), पुत्री जानवी (10) व मां विद्या देवी (60) की मौत हो गई थी जबकि जोनी की पत्नी संगीता और पड़ोस की छात्रा पायल गंभीर घायल हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने जोनी की तहरीर पर ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इस हादसे के अगले दिन रविवार को भी जिले में सड़कों पर गन्ने से लदे ओवरलोड ट्रक व अन्य ओवरलोड वाहन दौड़ते दिखाई दिए। ओवरलोड वाहनों को रोकने व उनके खिलाफ कार्रवाई न होने की खबर सोमवार को अमर उजाला में मौत बनकर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन, जिम्मेदार मौन शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित की गई। खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को पुलिस-प्रशासन हरकत में आया और ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी करते हुए योजना बनाई। एसपी अभिषेक ने बताया कि जिले में एआरटीओ से समन्वय बनाकर ओवरलोड चलने वाले वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी। कस्बा झिंझाना में जाने वाले गन्ने से लदे ट्रकों को रात नौ बजे से सुबह आठ बजे का समय निर्धारित किया गया है। दिन के समय कोई गन्ने से लदा ट्रक नहीं जाएगा। इसके साथ ही भारी वाहनों को कस्बा झिंझाना से उचित दूरी पर रोकने के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। कस्बा झिंझाना के दोनाें तरफ सड़क के किनारे निर्देश व चेतावनी लिखे बोर्ड लगा दिए गए हैं। इसके अलावा गन्ना ट्रक के मालिकों और गन्ना किसानों, तौल सेंटर के ठेकेदारों से बातचीत कर उन्हें ओवरलोड गन्ना न भरने के लिए निर्देशित किया गया है। एसपी ने कहा कि ओवरलोड वाहनों का संचालन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।