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Shamli News: अस्पतालों में हार्ट अटैक से बचाव के इंजेक्शन फांक रहे धूल

Tue, 14 Apr 2026 01:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। हार्ट अटैक के मरीजों को तत्काल उपचार और राहत देने के लिए सरकार की तरफ से जिला अस्पताल व सीएचसी पर इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन मरीजों को इनका लाभ नहीं मिल रहा है। इसकी वजह विशेषज्ञ चिकित्सक न होना है।
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शासन की तरफ से हार्ट अटैक आने पर जिला अस्पताल व सीएचसी पर मरीजों को तुरंत उपचार व बचाव के लिए स्टेपटोकाइनेज इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन इंजेक्शनों का इस्तेमाल न होने के कारण मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल को 27 नवंबर में स्टेपटोकाइनेज के सात इंजेक्शन और 11 फरवरी 2026 को टेनीक्टेप्लेज 20 इंजेक्शन मिले थे। अब तक एक-एक मरीज यानि दो इंजेक्शन ही मरीजों को लगाए जा सके हैं।
सीएचसी शामली को करीब छह महीने पहले स्टेपटोकाइनेज के 20 इंजेक्शन मिले थे। अभी तक कोई इंजेक्शन मरीज को नहीं लगाया जा सका। दो दिन पहले 11 अप्रैल को छह इंजेक्शन जिला अस्पताल और 10 इंजेक्शन सहारनपुर मेडिकल कॉलेज को भेजे गए हैं। चार इंजेक्शन सीएचसी पर रखे गए हैं। चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि काडियोलॉजिस्ट व फिजिशियन न होने से मरीज को इंजेक्शन नहीं लग पाए है। इस संबंध में शासन स्तर से जानकारी की गई तो बताया गया कि इंजेक्शन वापस नहीं होंगे। शासन के दिशा निर्देश पर उन्हें दूसरे अस्पतालों को भेजे गए हैं ताकि एक्सपायर होने से पहले उनका इस्तेमाल कर मरीजों को लाभ मिल सके।
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थानाभवन सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि हार्ट अटैक से बचाव के लिए सीएचसी पर 11 फरवरी को 12 इंजेक्शन उपलब्ध हुए थे, लेकिन किसी चिकित्सक या फार्मासिस्ट की ट्रेनिंग न होने से किसी मरीज को इंजेक्शन नहीं लगाया गया। अगस्त में इंजेक्शन एक्सपायर होने की तिथि है।
कांधला सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि हार्ट अटैक आने पर मरीजों को तत्काल राहत देने वाले इंजेक्शन उपलब्ध है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाता है।
इन सीएचसी पर नहीं है इंजेक्शन
कैराना, ऊन व झिंझाना सीएचसी पर हार्ट अटैक आने पर मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए इंजेक्शन उपलब्ध नहीं मिले। यहां मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जाता है।
रक्त में थक्का घोलकर मरीजों को तत्काल राहत देता है इंजेक्शन
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सचिन मलिक ने बताया कि मरीज में अगर हार्ट अटैक के लक्षण होते हैं तो तत्काल उनका पहले ईसीजी कराया जाता है। ईसीजी में हार्ट अटैक की पुष्टि होने पर उन्हें तत्काल राहत व उपचार देने के लिए स्टेपटोकाइनेज या टेनीक्टेप्लेज इंजेक्शन दिया जाता है। यह इंजेक्शन रक्त में बनने वाले थक्के को घोलने का कार्य करता है, जिससे मरीज को तत्काल उपचार व राहत मिलती है। ये इंजेक्शन अस्पताल में निशुल्क उपलब्ध हैं। पिछले महीने दो मरीजों को इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं।
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