श्रीमद्भागवत कथा सुनने से धूल जाते हैं सारे पाप : अरविंद
शामली। कलियुग में श्रीमद्भागवत कथा मोक्ष दायिनी पाप हारिणी है। इसके श्रवण मात्र से ही सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। यह बात श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन अरविंद दृष्टा महाराज ने कहीं। कथा के दौरान श्रीकृष्ण का जन्मदिन भी मनाया गया।
बृहस्पतिवार को कथा वाचक अरविंद दृष्टा महाराज ने कहा कि कलियुग में जीव की बुद्धि बदल जाती है। समय चक्र बदल जाता है। पुण्य कर्म खत्म हो जाते है। पाप कर्म आगे आ जाते है। कथा व्यास ने कहा कि राजा परीक्षित के राज्य में सुख शांति थी। कलयुग ने जब राजा परीक्षित से जगह मांगी तो उन्होंने सोने के मुकुट में स्थान दे दिया। इसमें कलयुग का वास होते ही राजा की बुद्धि भ्रष्ट हो गई। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से राजा को मोक्ष की प्राप्ती हुई। अरविंद दृष्टा जी महराज ने श्रीकृष्ण की जन्म कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। कथा में महाआरती प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर कथा संयोजक विनय संगल, पारुल संगल, अनिल संगल, डॉक्टर कृष्ण गोपाल, घनश्याम दास तायल, प्रदीप बंसल, भूषण संगल, बीना गोयल, साधना संगल, शिवकुमार, नरेंद्र गोयल, मनोज गोयल, रीना गोयल आदि मौजूद रहे।