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Shamli News: स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल, कहीं चिकित्सक गायब तो कहीं पसरी गंदगी

Sat, 06 Apr 2024 02:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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गढीपुख्ता पीएससी पर लगा ताला
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शामली। जिले में 37 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र शुरू करने की तैयारी है। शासन ने जिन गांवों में नए स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाए जाने हैं, उन गांवों की सूची व लाभान्वित होने वाली जनसंख्या की रिपोर्ट मांगी है। स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट भेज दी है। उधर, जिले में धरातल पर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बेहाल है। टीम ने पड़ताल की तो कहीं भवन जर्जर तो कहीं पर चिकित्सक गायब मिले। कहीं साफ-सफाई बेहतर नहीं तो कहीं पर वार्ड बॉय ही दवा देता हुआ मिला।
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वार्ड बॉय और एलटी दे रहे मरीजों को दवाई
बनत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर 12 बजे वार्ड बॉय योगेंद्र और एलटी मरीजों को दवा देते हुए मिले। उसने बताया कि फार्मासिस्ट छुट्टी पर गए हैं जबकि डाॅक्टर अंकित पिछले कई माह से नहीं आ रहे हैं। योगेंद्र ने बताया कि दोपहर तक करीब 25 मरीज आए हैं, उन्हें दवा दी गई है।
गंदगी के बीच मरीजों को मिल रहा उपचार
सुबह 11 बजे सीएचसी कुड़ाना पर संविदा चिकित्सक मौजूद मिले। चिकित्सा प्रभारी डॉ. रजत को शामली मीटिंग में जाना बताया गया। डॉ. अजित का रेस्ट पर होना बताया। सीएचसी में शौचालयों में गंदगी पसरी थी। दीवारों में नमी आई हुई थी। कमरों में भी साफ-सफाई नहीं थी और बैड पर मरीज व तीमारदार लेटे हुए थे। बाबरी क्षेत्र के गोगवान जलालपुर के स्वास्थ्य उपकेंद्र का भवन की जर्जर हालत है। खिड़कियों का कांच का शीशा टूटा हुआ है। दीवार का मलबा और दीवार पर लगी टायल भी नीचे गिरी हुई मिली।
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स्वास्थ्य उपकेंद्र तैयार, नहीं है स्वास्थ्यकर्मी
हिरनवाड़ा में करीब छह माह से स्वास्थ्य उपकेंद्र बनकर तैयार है, लेकिन अभी तक किसी भी स्वास्थ्यकर्मी की तैनाती नही हो पाई है, जिसके चलते मरीज बाबरी, थानाभवन या शामली जाने को मजबूर हैं।
फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स करती मिली उपचार

कैराना में शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे नगर के अरबन स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ नर्स प्रतिभा डाॅक्टर के कक्ष में बैठकर मरीजों का उपचार कर रही थी। फार्मासिस्ट प्रवीण व वार्ड ब्वाय रविंद्र मौजूद थे। जबकि डाॅक्टर विपिन कुमार साप्ताहिक अवकाश पर बताए गए। उपचार कराने आए गंदराऊ निवासी तालिब ने बताया कि उसको घुटनों व कमर में दर्द के साथ ही बुखार खांसी भी है। यहां जांच न होकर केवल मर्ज पूछकर दवाई दे देते है।
स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार तो मरीजों को कैसे मिले उपचार
गढ़ीपुख़्ता कस्बे के पीएचसी पर गंदगी का अंबार मिला। गेट के बहार नाला अटा हुआ है। हैंड़पंप के पास गंदगी, सुलभ शौचालयों के आसपास और परिसर में घास फूस खड़ी है। गांव दुल्लाखेड़ी में आयुष्मान आरोग्य मंदिर में दोपहर एक बजे डाक्टर सचिन कुमार नदारद मिले। उनके कक्ष पर ताला लगा था। दूसरे कमरे आंगनबाड़ी ,आशा मीटिंग कर रही थी। डॉ. सचिन ने बताया उन्हें जरूरी काम से बाहर जाना पड़ा है।
इन गांवों में बनेंगे नए 37 स्वास्थ्य उपकेंद्र
स्वास्थ्य विभाग ने 37 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने के लिए ग्रामों की सूची और उससे लाभान्वित होने वाली जनसंख्या की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी है। जिन गांवों में नए स्वास्थ्य उपकेंद्र खुलेंगे, उनमें कैराना ब्लाक में गांव मन्ना माजरा, बराला, भूरा, खुरगान, पंजीठ, मोहम्मदपुर राई व तितरवाड़ा है। ऊन ब्लाक में जिजौला, चौसाना जदीद, भाटू, गढ़ीपुख्ता देहात, पांथूपुरा, अंबेहटा, अजीजपुर, ओदरी, युसूफपुर चौतरा व भोगी माजरा, कांधला ब्लाक में गुज्जरपुर, खेड़ामस्तान, गंगेरू, डुढ़ार, गढ़ीश्याम व माल्हीपुर, थानाभवन ब्लाक में गांव बंतीखेड़ा, भैंसानी इस्लामपुर, मादलपुर, जलालाबाद देहात, लुहारी, रसीदगढ़, महावतपुर, मंटी हसनपुर व गुराना, शामली ब्लाक में गांव बलवा, बुटराड़ा, खेड़ीकरमू, लिलौन व जलालपुर गांव शामिल किए गए हैं। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद इन गांवों में स्वास्थ्य उपकेंद्र शुरू किए जाएंगे। शुरूआत में स्वास्थ्य उपकेंद्र किराये के भवन में चलाए जाने की योजना है। इसके बाद भूमि की तलाश कर स्वास्थ्य उपकेंद्रों के भवनों का निर्माण कराया जाएगा।

जिले में वर्तमान में 154 स्वास्थ्य उपकेंद्र चल रहे हैं। जिले में 37 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र शुरू किए जाएंगे। 37 ग्राम पंचायतों की सूची और उनसे लाभान्वित होने वाली जनसंख्या की रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करा दी गई है। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद नए स्वास्थ्य उपकेंद्र चालू किए जाएंगे। जिले में सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर साफ-सफाई और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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- डॉ. अनिल कुमार, सीएमओ शामली।

गढीपुख्ता पीएससी पर लगा ताला

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