कोरोना के घेरे में आया स्वास्थ्य विभाग
शामली। जिले में कोरोना संक्रमण ने स्वास्थ्य महकमे को भी अपने घेरे में ले लिया है। सीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और चिकित्सक भी कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं भी बाधित हो रही है। ऐसे में मरीजों को भी कोरोना संक्रमण का खतरा बन रहा है।
जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। अब तक जिले में करीब 1185 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। दो दिन पहले सीएमओ डा. संजय भटनागर, एसीएमओ डा. आरके सागर कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इससे पहले दिन सीएमओ कार्यालय के डीपीएम आशुतोष भी कोरोना संक्रमित मिले। इससे पहले दिन सीएचसी कांधला पर दो महिला समेत तीन कर्मी संक्रमित मिले हैं। बुधवार को गंगेरू पीएचसी प्रभारी भी कोरोना पॉजिटिव मिले। करीब 15 दिन पहले सीएचसी शामली में एक चिकित्सक कोरोना संक्रमित मिले थे। कांधला थानाध्यक्ष भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। पूर्व में शहर कोतवाली प्रभारी भी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। कुल मिलाकर कोरोना संक्रमण की चपेट में पूरी तरह से सरकारी महकमा भी आ चुका है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और डाक्टरों का कोरोना संक्रमित होना गंभीर स्थिति मानी जा रही है। डाक्टरों के कोरोना संक्रमित मिलने पर स्वास्थ्य केंद्रों में दो दिन के लिए ओपीडी बंद हो जाती है। सीएमओ कार्यालय भी दो दिन बंद रहा। सीएचसी कांधला दो दिन तक बंद रहने के बाद बृहस्पतिवार को शुरू हुई। ऐसे में मरीजों को इलाज कराने में परेशानी उठानी पड़ती है। साथ ही कोरोना संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इमरजेंसी सेवा 24 घंटे चालू रहती है, जिसमें जरूरी मरीजों को उपचार दिया जाता है।
अधिकतर सामान्य बीमारी के पहुंच रहे मरीज
शामली। जुलाई से सितंबर तक संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा रहता है, लेकिन इस बार कोरोना के चलते लोग एहतियात बरत रहे हैं, जिस कारण संक्रामक बीमारी के मरीज बहुत कम अस्पताल आ रहे हैं। चिकित्साधीक्षक डा. रमेश चंद्रा का कहना है कि सीएचसी में कोरोना काल में मरीजों की संख्या सामान्य स्थिति के मुकाबले कम हैं। कोरोना से पहले एक दिन में 1200 से 1500 तक मरीज आते थे, लेकिन वर्तमान में 700-800 मरीज सामान्य बीमारी के आ रहे हैं। इनमें अधिकतर मरीज कमर दर्द, आंख, दांत, चर्म रोग आदि के होते हैं। नजला, जुकाम, खांसी व बुखार के मरीज कम हैं।