शामली। कोविड की संभावित तीसरी लहर से पहले शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण स्तर पर भी स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। नगर पंचायतों के माध्यम से सभी सीएचसी एवं पीएचसी का सुदृढ़ीकरण कराया जा रहा है। इनके अलावा नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की स्थापना एवं पहले से मौजूद सेंटरों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का काम चल रहा है। इसी के तहत जिले के 16 गांवों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए जा रहे हैं। जिससे गंभीर रोगियों को चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा नए मरीजों की खोज कर समय रहते उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा। इसके लिए हर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर एक सीएचओ के अलावा एएनएम की तैनाती की जाएगी। जिले में अब तक 28 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का निर्माण हो चुका है और इन पर टीकाकरण कार्य चल रहा है।
4.80 लाख में बनेगा एक सेंटर
जिले के गांव शेखूपुरा, कसेरवा, कैडी, बंतीखेड़ा, पावटी, तीतरवाड़ा, दुल्लाखेड़ी, पुरमाफी, सिंगरा, सोंटा, यारपुर, खेड़ी खुशनाम, भड़ी भरतपुर, कादरगढ़, नागल, खानपुर में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे। नए बन रहे प्रत्येक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए 4.80 लाख रुपये खर्च आएगा।
पहली और दूसरी लहर में रहे कारगर
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर काफी कारगर साबित हुए थे। इनके माध्यम से कोरोना रोगियों की टेस्टिंग और दवा वितरण किया गया। जिससे मरीजों को समय रहते इलाज मिला। अब हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर कोरोनारोधी टीकाकरण का कार्य चल रहा है।
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हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में काफी मददगार साबित हुए हैं। नए सेंटर बनने से वहां के ग्रामीणों को जल्द स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। - सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल