फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब मछली के लिए भिड़े हरियाणा-यूपी

Wed, 26 Oct 2016 11:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
विज्ञापन
controversy - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
कैराना। अभी तक यमुना खादर क्षेत्र की कृषि भूमि को लेकर यूपी और हरियाणा के लोगों के बीच विवाद चल रहा था, मगर अब यमुना नदी से मछली पकड़ने के ठेके को लेकर विवाद पैदा हो गया है। 
विज्ञापन


बुधवार को हरियाणा के मछली पालक ठेकेदार के लोगों ने पुलिस को साथ लेकर यूपी सीमा में मछली पकड़ने वाले लोगों को धमकाकर भगा दिया। उनका कहना है कि हरियाणा सरकार की ओर से पानीपत प्रशासन ने यमुना का ठेका छोड़ा है। यूपी के लोगों को इसमें से मछली पकड़ने का कोई अधिकार नहीं है।
जबकि शामली जिला पंचायत की ओर से हर साल मछली पकड़ने का ठेका छोड़ा जा रहा है।

यमुना नदी में जिला पंचायत की ओर से मछली पालन का ठेका छोड़ा गया है। ठेकेदार के कर्मचारी यमुना नदी में यूपी सीमा पर जाल डालकर मछली पकड़ रहे हैं। बुधवार शाम पानीपत के मत्स्य अधिकारी सुशील दत्त और हरियाणा के मछली पालक ठेकेदार जयकुमार की ओर से भेजे गए कुछ युवक हरियाणा पुलिस के दो जवानों को साथ लेकर यूपी में यमुना नदी पर आए और मछली पकड़ रहे युवकों को वहां से भगा दिया।
विज्ञापन


 पानीपत के मत्स्य अधिकारी का कहना था कि यमुना नदी में हरियाणा सरकार ने मछली पालन का ठेका छोड़ रखा है, यूपी के लोगों को यमुना से मछली पकड़ने का अधिकार नहीं है। वहीं, यमुना पुल चौकी के कांस्टेबलों ने हरियाणा के लोगों को कैराना कोतवाली पहुंचने को कहा। जिसके बाद हरियाणा के ठेकेदार के लोग और मत्स्य अधिकारी कोतवाली पहुंचे। 

कोतवाली प्रभारी एपी भारद्वाज ने कहा कि हरियाणा सरकार यूपी में मछली पालन का ठेका कैसे छोड़ सकती है। उधर, इस मामले के बारे में कोतवाली प्रभारी ने कहा कि जिला पंचायत द्वारा छोडे़ गए ठेके के कारण हरियाणा के लोग यहां अगर झगड़ा करते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने हरियाणा के लोगों को डीएम शामली से मिलकर अपना पक्ष रखने की हिदायत दी।

जुलाई 2016 में ही मछली पालन का ठेका अहसान के नाम छोड़ा गया है। 31 मार्च 2017 तक चलेगा। जिला पंचायत का ठेका पूरी तरह से वैध है। पूर्व के वर्षों में भी इसी तरह ठेका छूटता रहा है। - सुभाष मिश्रा, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत शामली।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें