शामली। रंगों का त्योहार दुल्हेंडी जिले में बुधवार को मनाया जाएगा। यह मस्ती का त्योहार होता है। इस त्योहार पर लोगों को अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए। इसमें लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए सावधानी के साथ त्योहार मनाएं।
लोग एक दूसरे को रंग, गुलाल लगाकर होली का त्योहार मनाते हैं। बाजार में भी अबीर, गुलाल के साथ पक्के केमिकल रंगों की भरमार है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मवीर ने बताया कि होली के त्योहार पर केमिकल रंगों से बचाव करना चाहिए। केमिकल रंगों से त्वचा पर एलर्जी, लाल चकत्ते, खुजली, जलन और सूजन आदि समस्याएं हो सकती है। हर्बल रंगों को भी ज्यादा देर तक त्वचा पर ज्यादा देर तक न लगा रहने दे। बीच-बीच में रंगों को साफ करते रहें। इसके अलावा आंखों का भी बचाव करना बेहद जरूरी है। आखों को सुरक्षित रखने के लिए चश्मा लगाकर रखें। आंखों में अगर रंग पड़ जाए तो उसे रगड़ना नहीं चाहिए और साफ पानी से धोना चाहिए।
उन्होंने बताया कि बालों को बचाने के लिए टोपी पहने। लंबे समय तक पानी में भीगने से बचना चाहिए। इससे नजला, खांसी व बुखार आदि वायरल संक्रमण होने का खतरा हो सकता है। इसलिए गीले व नमी वाले कपड़े ज्यादा देर तक न पहने। होली खेलने के बाद अपने शरीर को साफ पानी से धोएं।
ये बरतें सावधानी
- केमिकल युक्त रंगों की जगह पैक्ड, हर्बल या प्राकृतिक फूलों-हल्दी से बने गुलाल का इस्तेमाल करें।
- होली खेलने से पहले पूरे शरीर और चेहरे पर नारियल तेल या मॉइस्चराइज लगाएं।
- बालों में अच्छी तरह नारियल या जैतून का तेल लगाएं।
- आंखों की सुरक्षा के लिए होली खेलते समय चश्मा लगाए।
- बच्चों को गहरे रंग वाले गुब्बारे फेंकने से रोके।