जिले के किसानों को भा रही है हरियाणा की मंडी
शामली। जिले के किसानों का हरियाणा की मंडियों से मोह भंग नहीं हो रहा है। इस बार धान खरीद में जिला पिछड़ रहा है। जिले में पिछले 39 दिनों में चार किसानों से मात्र 76. 80 क्विंटल धान खरीदा गया है। ज्यादातर धान थानाभवन और ऊन और झिंझाना के खरीद केंद्रों पर खरीदा गया है। चार खरीद केंद्रों पर धान का एक भी दाना नहीं खरीदा गया है।
पिछले साल शासन ने दस हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। पिछले वर्ष धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो गया था। इस साल जिले का धान खरीद का लक्ष्य दस हजार क्विंटल से घटाकर पांच हजार क्विंटल निर्धारित किया गया है। पिछले साल की अपेक्षा पचास फीसदी धान खरीद का लक्ष्य होने के बाद जिले के सात खरीद केंद्रों पर धान खरीद धीमी गति से हो रही है। एक अक्तूबर से लेकर आठ नवंबर तक मात्र थानाभवन, ऊन और झिंझाना खरीद केंद्रों पर 76.80 क्विंटल धान खरीदा गया है। कैराना, कांधला समेत चार खरीद केंद्रों पर एक भी दाना धान नहीं खरीदा गया है।
डिप्टी आरएमओ कमलेश कुमार ने बताया कि शामली जिले में मात्र 58 किसानों का पंजीकरण हुआ है। 39 दिनों में सिर्फ थानाभवन, ऊन और झिंझाना खरीद केंद्रों पर 76.80 क्विंटल धान खरीदा गया है। उनका कहना कि हरियाणा की मंडियां जिले के पास होने से ज्यादातर धान किसान धान हरियाणा लेकर जा रहे हैं। हरियाणा की मंडियों में धान का भाव अधिक है। लोकल मंडियों में दो हजार रुपये से लेकर 2300 रुपये धान बिक रहा है। सहारनपुर मंडल में मुजफ्फरनगर जिले में 2710 क्विंटल धान की खरीद करके प्रथम स्थान पर है।