शामली। इस बार कांवड़ियों की ट्रेनों में हरिद्वार जाने की राह कठिन होगी। दिल्ली से शामली होकर हरिद्वार और ऋषिकेश को जाने वाली पैसेंजर ट्रेन सात जुलाई से लेकर 14 जुलाई तक स्थगित कर दी गई है। अब सिर्फ अजमेर-हरिद्वार स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन के सहारे ही सप्ताह में तीन दिन श्रद्धालु हरिद्वार आ जा सकेंगे।
श्रावण मास कांवड़ यात्रा 10 जुलाई से लेकर 21 जुलाई को महाशिवरात्रि पर संपन्न होगी। कांवड़ यात्रा में दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार जाते हैं। दिल्ली, शामली, टपरी, सहारनपुर रेलमार्ग पर हरिद्वार के लिए हरिद्वार ऋषिकेश पैसेंजर 54475 चलती है।
वहीं, अजमेर, हरिद्वार वाया शामली सप्ताह में रविवार, मंगलवार और शुक्रवार को ही संचालन होता है। बीकानेर, हरिद्वार स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन इस मार्ग पर सिर्फ शनिवार को आती है। बीकानेर, हरिद्वार स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन की अनुमति एक जुलाई को समाप्त हो गई है।
वहीं, ऋषिकेेश, हरिद्वार पैसेंजर ट्रेन का संचालन सात जुलाई से 14 जुलाई तक स्थगित कर दिया गया है। शामली रेलवे स्टेशन पर इस ट्रेन का संचालन स्थगित होने होने की सूचना नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दी गई है।
रेलवे स्टेशन के अधीक्षक संजीव शर्मा ने बताया कि बीकानेर, हरिद्वार स्पेशल ट्रेन की अभी तक अनुमति नहीं मिली हैं। पिछले साल कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार के लिए कोई भी स्पेशल ट्रेन का संचालन नहीं हो पाया था। इस बार भी स्पेशल ट्रेन के संचालन की अनुमति मिलना कठिन है।
ट्रेन के लिए रेल मंत्री से बात करेंगे : हुकुम
कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह का कहना है कि स्पेशल ट्रेन बंद होना, हरिद्वार, बीकानेर और ऋषिकेश पैसेंजर ट्रेन का संचालन स्थगित करना मेरी जानकारी नहीं है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हरिद्वार जाने की ट्रेन सुविधा मिलनी चाहिए। उनका कहना कि इस बारे में रेल मंत्री सुरेश प्रभु से मुलाकात कर ट्रेनों के संचालन कराने की मांग करेंगे।
शामली से सीधी रोडवेज बस भी नहीं
शामली। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर श्रद्धालुओं को हरिद्वार जाने के लिए तरफ ट्रेन नहीं मिलेगी, तो उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम की बसों का संचालन भी सीधे हरिद्वार के लिए नहीं है। शामली से हरिद्वार जाने के लिए श्रद्धालुओं को सहारनपुर अथवा मुजफ्फरनगर से ही बस पकड़नी पड़ती है।
हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाली एक मात्र ट्रेन का संचालन सात से 14 जुलाई तक स्थगित कर दिया गया। ऐसी स्थिति में हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालु यात्रियों को बसों का ही सहारा बचता है, लेकिन शामली से सीधे तौर पर हरिद्वार के लिए एक भी रोडवेज बस का संचालन नहीं होने से श्रद्धालुओं को मायूसी हाथ लग रही है।
शामली रोडवेज बस स्टेशन प्रभारी राजेंद्र चौहान का कहना है कि शामली से हरिद्वार के लिए सीधी कोई बस सेवा नहीं है। हरियाणा के रोहतक की दो, भिवानी की दो, हिसार की दो, जींद और सोनीपत डिपो की एक एक बस शामली से होकर हरिद्वार जाती है। हालांकि इन बसों का शामली में स्टॉपेज नहीं है। हरियाणा राज्य परिवहन निगम की बसें शामली में बस अड्डे पर भी नहीं पहुंचती और आउटर से ही निकल जाती हैं।
ट्रैफिक जाम से निपटने को प्लान बनाएगी पुलिस
मेरठ-सहारनपुर रेलमार्ग के दोहरीकरण के चलते तीन हाई स्पीड ट्रेनों का संचालन वाया शामली से होगा। छह से 14 जुलाई तक यह व्यवस्था चलेगी। शामली में बुढ़ाना रोड और मुजफ्फरनगर मार्ग पर दो रेलवे फाटक हैं, जिसके चलते ट्रेनों की आवाजाही बढ़ने से दोनों ही फाटकों के बंद होने का क्रम पांच बार बढ़ जाएगा।
इससे शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ जाएगा। इस बारे में सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह का कहना है कि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए प्लान बनाया जाएगा। दोनों रेलवे फाटकों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी जाएगी। साथ ही रेलवे अधिकारियों से बात करेंगे कि रेलवे फाटकों को ट्रेन आने के समय के दौरान ही बंद करते समय ध्यान रखा जाए कि ज्यादा देर पहले फाटक बंद न हों। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक वैसे भी कुछ कम हो जाएगा।