शामली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान बच्चोें ने डॉक्टरों को बताया कि आंखों में जलन हो रही है। सांस लेने में तकलीफ हो रही है। मुंह में कड़वापन घुल रहा है। इसके बाद ऑक्सीजन मास्क लगाने के साथ बच्चों को विटामिन और प्राथमिक उपचार वाले इंजेक्शन लगाकर उपचार किया गया।
चीनी मिल के डिस्टलरी से गैस रिसाव के कारण शहर के सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के करीब 300 बच्चों की हालत खराब हो गई थी।
छात्र अखिल, ऋषभ, प्रियांशु और नीरज ने बताया कि जब वह खेड़ीकरमू गांव से बायो गैस प्लांट की तरफ आए, तो उनको आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत हुई और उल्टी लगने लगी थीं। सीएचसी प्रभारी और बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रमेश चंद्रा ने बताया कि ज्यादातर बच्चों को सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। इसके साथ ही चक्कर आना, उल्टी महसूस होना, मुंह कड़वा होना, घबराहट होना आदि दिक्कत बच्चों को हुई। जरूरत के हिसाब से बच्चों को इंजेक्शन लगाने के साथ ही दवाएं दी गई।