शामली। सरकार की ओर से जीएसटी की नई दरों के बाद कई वस्तुओं के दाम कम होने का दावा किया जा रहा है, जबकि बाजार में लोगों को उनके दैनिक उपयोग की चीजें अभी भी घटी दरों पर नहीं मिल रही हैं। शुक्रवार को शहर के बाजारों में अलग-अलग उत्पादों की दुकानों पर पहुंचकर ग्राहकों से बात की तो हकीकत दावों से अलग मिले।
-मधुसूदन घी का एजेंसी पर लगा घटी दर का पर्चा, दुकानों पर पुराने रेट
शहर की मार्श गंज मंडी स्थित मधुसूदन घी की एजेंसी पर जीएसटी घटने के बाद दुकान के बाहर देशी की घी के टिन पर 600 रुपये कम और एक किलो की थैली पर 35 रुपये कम होने का पर्चा लगा मिला, लेकिन बाजार में दुकानों पर देखने को मिला कि अभी भी पुरानी दरों पर बिक्री की जा रही है। गांव काबड़ौत के ग्राहक रामस्वरूप ने बताया कि वह बड़े बाजार स्थित दुकान से देशी घी व दाल लाया है, लेकिन उन्हें घी 605 रुपये का लगाया गया है। वहीं दाल भी पहले रेट पर ही दी है, जब दाम घटने की बात कही तो दुकानदार कहने लगा कि अभी स्टॉक बाकी है, दाम घटने में लगभग एक सप्ताह तक लग जाएगा।
-नहीं घटे पीतल के बर्तनों के दाम
शहर के मुख्य मार्ग पर त्योहारी सीजन के लिए सजी पीतल के बर्तनों व सजावटी उत्पादों की दुकानों पर भी चीजों के दाम में कोई अंतर नहीं देखने को मिला। दुकानदार दीपक का कहना है कि पीतल पर पहले 12 प्रतिशत जीएसटी थी, जो घटकर पांच प्रतिशत हो गई। घटी दरों पर ही पीतल का सामान बेचा जा रहा है। वहीं दुकान से बाहर आए ग्राहक कुरमाली के पंकज ने बताया कि उन्हें तो दाम में कोई अंतर नहीं लगा है। यह पीतल का जग एक माह पहले भी इसी दाम पर ले गया था, अब भी इसी दाम दिया गया है।
-अभी तक केवल वाहनों पर दिखा जीएसटी का असर
शहर के झिंझाना रोड स्थित बाइक एजेंसी पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी मिली। सेल्स मैनेजर ने बताया कि वाहनों पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो गई। ग्राहकों को घटी दरों पर ही वाहन दिए जा रहे है। वहीं बाइक खरीदने पहुंचे बंतीखेड़ा के राहुल ने बताया कि उन्होंने बाइक खरीदी है। उन्हें बाइक पर 8000 रुपये की बजत हुई है।
-घटी दरों पर सामान न देने पर ग्राहक 1915 पर करें कॉल
यदि कोई दुकानदार जीएसटी की घटी दरों के मुताबिक सामान न दे तो आप व्हाट्सएप नंबर 8800001915 पर शिकायत करें या फिर 1915 डायल कर तुरंत सूचना दें। स्थानीय स्तर पर जीएसटी कार्यालय में शिकायत की जा सकती है। सरकार के निर्देशों के बाद निर्माता कंपनियों ने साफ कहा कि दुकानदार पुराने स्टॉक को भी जीएसटी की घटी दरों पर बेचें। उसका बिल बनाकर कंपनी को दें। नुकसान की भरपाई निर्माता की ओर से की जाएगी। उदाहरण के लिए पारले-जी से लेकर अंकल चिप्स तक सबके दाम कम होने चाहिए। स्थानीय स्तर पर लोगों की शिकायत मिलने पर हमारे विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। -लोमेश कुमार, जीएसटी उपायुक्त