बताया गया कि सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र निवासी युवक सब्जी की दुकान पर काम करता है। उसकी बरात शनिवार दोपहर जलालाबाद क्षेत्र के एक गांव में पहुंची थी। शाम करीब पांच बजे मंडप में फेरों की तैयारी चल रही थी, तभी गंगोह क्षेत्र की ही एक युवती वहां पहुंची और हंगामा शुरू कर दिया। युवती का कहना था कि वह सहारनपुर की एक कंपनी में काम करती है और युवक के साथ चार साल से लिव-इन में रह रही है। यदि युवक की शादी किसी अन्य के साथ हुई तो वह जान दे देगी।
युवती के हंगामे के बाद दुल्हन पक्ष ने दूल्हा, उसके पिता, ताऊ और अन्य परिजनों के साथ युवती को भी बंधक बना लिया। दुल्हन पक्ष का कहना था कि जब युवक का पहले से प्रेम संबंध था तो इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। रातभर बरात और युवती गांव में ही बंधक रहे। रविवार सुबह गांव में दूल्हा, दुल्हन और युवती पक्ष के लोगों की पंचायत बैठी। पंचायत में दुल्हन पक्ष ने शादी से साफ इनकार करते हुए शादी में खर्च हुए 14 लाख रुपये की मांग रखी। करीब छह घंटे चली पंचायत के बाद दूल्हा पक्ष 13 लाख रुपये देने के लिए राजी हुआ। इसके बाद बरात को छोड़ा गया।
उधर, एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने मामले की जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जानकारी ली जा रही है। फिलहाल किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। ग्रामीणों ने बताया कि सहारनपुर में युवती की सब्जी की दुकान है जहां पर दूल्हा बना युवक भी चार साल से काम कर रहा है।