शामली। किसानों व अनुसूचित जाति, जनजाति के किसानों के लिए सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना व औद्यानिक विकास योजना चलाई है। इसके तहत किसानों को रजनीगंधा, गेंदा व मसालों सहित अन्य खेती करने पर अनुदान दिया जाएगा। शासन ने उद्यान विभाग को योजना से किसानों को जोड़कर लाभ देने के आदेश दिए हैं।
किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही है। जिससे वह ईख व गेहूं के अलावा अन्य फसल को अपनाकर लाभ उठा सकें। सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में सभी किसानों को शामिल किया है। इस योजना में फल अमरूद, लीची, शिमला मिर्च, कद्दू, प्याज, लहसुन, मिर्च, रजनीगंधा, गेंदा, अनुसूचित जाति व जनजाति के किसानों के लिए औद्यानिक विकास योजना में कद्दू, प्याज, लहसुन, मिर्च मसाला, धनिया, गेंदा, शाकभाजी फसल में शामिल किया है। दोनों योजना में किसानों को अलग-अलग अनुदान दिया जाएगा। अनुसूचित जन जाति के लोगों को एक बार ही अनुदान दिया जाएगा। शासन ने योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जिला उद्यान अधिकारी को आदेश जारी कर किसानों को योजना से जोड़ने के लिए कहा है।
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राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
- आम की फसल पर प्रति हेक्टेयर लागत 25500 के सापेक्ष 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। यह तीन किश्त में तीन वर्षों तक मिलेगा। इसमें पहले 7650, दूसरा 3834 व तृतीय वर्ष 22500, अमरूद पर प्रति हेक्टेयर लागत 38340 के सापेक्ष पचास प्रतिशत अनुदान में पहले वर्ष 11502, दूसरे व तीसरे वर्ष 3834, लीची प्रति हैक्टेयर लागत 28000 के सापेक्ष 50 प्रतिशत अनुदान पर पहले वर्ष 8400, दूसरे व तीसरे वर्ष 2800, शिमला मिर्च, संकर सब्जी, कद्दू प्रति हेक्टेयर लागत 50 हजार के सापेक्ष चालीस प्रतिशत अनुदान बीस हजार, प्याज, लहसुन, मिर्च मसाला प्रति हेक्टेयर लागत तीस हजार का 40 प्रतिशत 12 हजार, रजनीगंधा प्रति हेक्टेयर लागत एक लाख पर लघु सीमांत किसान को चालीस प्रतिशत व सामान्य किसानों को 25 प्रतिशत अनुदान, गेंदा प्रति हेक्टेयर लागत चालीस हजार पर लघु सीमांत किसान 40 व सामान्य किसान को 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
- औद्यानिक विकास योजना
कद्दू एवं सब्जी खेती पर प्रति हेक्टेयर पचास हजार की लागत का 75 प्रतिशत अनुदान, प्याज, लहसुन, मिर्च मसाला, धनिया फसल प्रति हेक्टेयर तीस हजार की लागत का 90 प्रतिशत अनुदान, शाकभाजी फसल प्रति हेक्टेयर लागत चार हजार का 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
योजना से किसानों को जोड़ा जा रहा है। उन्हें जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। शासन की इस योजना का लाभ किसानों को दिया जाएगा। - सतेंद्रपाल मान, जिला उद्यान अधिकारी शामली।