-क्षेत्र के गांव गोसगढ़ में ग्राम पंचायत ने पांच साल मुफ्त पानी पिलाने की चलाई थी योजना
-अधिक खर्च आने पर ग्राम पंचायत ने जताई असमर्थता तो ग्राम प्रधान ने खुद उठाया बीड़ा
-अब ग्राम प्रधान अपने निजी खर्च से हर रोज ग्रामीणों को पिला रहे दस हजार लीटर पानी
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जलालाबाद। कहते हैं उड़ने के लिए पंख से ज्यादा हौसलों की जरूरत होती है। कुछ ऐसा ही हौसला गोसगढ़ गांव की प्रधान चौधरी संगीता ने दिखाया है। गांव को मुफ्त पानी पिलाने में जब ग्राम पंचायत का बजट डगमगाया तो ग्राम प्रधान ने यह जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली और ऐलान कर दिया कि ग्राम प्रधान अपने निजी खर्च पर ही पूरे गांव को मुफ्त पानी पिलाएंगी।
गांव की प्रधान चौधरी संगीता रोड जब प्रधान बनीं तो उन्होंने घोषणा की कि ग्राम पंचायत की ओर से पूरे गांव को पांच साल तक मुफ्त साफ ठंडा पानी पिलाया जाएगा। इसके लिए ग्राम प्रधान के घर पर फिल्टरेशन प्लांट तैयार किया गया। इसके बाद दो लड़कों को नौकरी पर रखकर हर रोज दस हजार लीटर पानी गांव में बंटवाना शुरू कर दिया गया। कई दिनों तक गांव में मुफ्त पानी बंटवाया गया। गांव में मुफ्त पानी बंटवाने में अधिक खर्च आने लगा, जिससे ग्राम पंचायत का बजट बिगड़ गया। कर्मचारियों की तनख्वाह देने व मशीनों के मेंटीनेंस में काफी खर्च आता है। अधिक खर्च आने के कारण ग्राम पंचायत के अन्य विकास कार्य प्रभावित होने लगे। इस कारण ग्राम पंचायत ने गांव में मुफ्त पानी पिलाने में असमर्थता जताई। ग्राम प्रधान ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में पांच साल तक मुफ्त पानी पिलाने की घोषणा की थी तो ग्राम प्रधान ने यह जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली और घोषणा कर दी कि गांव में पूर्व की भांति ही मुफ्त साफ पानी बांटा जाएगा। साथ ही इसके लिए आने वाला सारा खर्च खुद ग्राम प्रधान वहन करेंगी। इतना ही नहीं जिस दिन गांव में पानी बांटने वाले कर्मचारी छुट्टी पर रहते हैं, उस दिन खुद ग्राम प्रधान का पुत्र पूरे गांव में पानी बांटता है। ग्राम प्रधान की इस पहल की गांव ही नहीं आसपास के क्षेत्र में भी खूब तारीफ हो रही है।
-दस हजार लीटर पानी बंटता है रोज
ग्राम प्रधान चौधरी संगीता रोड ने बताया कि हर दिन सुबह के समय उनका वाहन देशभक्ति गीतों के बीच गांव के छह सौ परिवारों को पानी बांटता है। इस दौरान करीब दस हजार लीटर साफ पानी गांव में वितरित किया जाता है। इसके बाद भी यदि किसी को पानी की अधिक आवश्यकता होती है तो उसे प्रधान के घर से पानी उपलब्ध कराया जाता है।
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पानी पिलाना पुण्य का काम है। जब ग्राम पंचायत का पानी पिलाने में बजट डगमगाया तो मैंने अपने खर्च से पानी पिलाने का निर्णय लिया। मैं अपने गांव से किए सभी वादे पूरे करने के लिए तत्पर हूं।चौधरी संगीता रोड, ग्राम प्रधान