कैराना (शामली)। वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 को लेकर कैराना सांसद इकरा हसन ने कहा कि वक्फ एक पुरानी धर्मार्थ संस्था है। सरकार यूपी में अपनी नाकामी का बदला लेना चाह रही है। इसीलिए अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं, यह संविधान पर भी हमला है।
इकरा हसन ने कहा कि वक्फ की संपत्ति का संचालन करने के लिए वक्फ बोर्ड बने हैं। मामले में यह समझने की जरुरत है कि वक्फ की संपत्तियां कैसे दी जाती हैं। अगर मैं आपको दान के रूप में कुछ दे रही हूं, लेकिन कोई तीसरा व्यक्ति या जिला मजिस्ट्रेट आकर आपको बताता है कि आप इसका इस्तेमाल कैसे करने जा रहे हैं तो इससे किसी का भला नहीं होने वाला है।
दिल्ली देहरादून कॉरिडोर मुआवजे का मुद्दा संसद में उठाया
कैराना। सपा सांसद इकरा हसन ने दिल्ली देहरादून इकॉनमिक कॉरिडोर में भूमि अधिग्रहण में किसानों को मुआवजे का मुद्दा संसद में उठाया।
संसद में बोलते हुए इकरा हसन ने कहा कि देश में अभी तक भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास व पुनर्स्थापना अधिनियम 2013 को अभी तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। इसमें हर दूसरे वर्ष सर्किल रेट में संशोधन किया जाना अनिवार्य होता है। उनके जनपद शामली में दिल्ली देहरादून इकॉनमिक कॉरिडोर में किसानों की भूमि अधिग्रहण की जा रही है लेकिन 2013 से अभी तक उन्हें सर्किल रेट में मुआवजे में फायदा नहीं मिल पा रहा है। सहारनपुर व बागपत के सर्किल रेट अभी तक अपडेट नहीं किए गए है। इससे किसानोंं को जो मुआवजा मिल रहा है, वो बहुत कम है।