बिडौली में बैठक करते मुस्लिम गुर्जर समाज के लोग
बिड़ौली (शामली)। गांव केरटू में मुस्लिम गुर्जर समाज की पंचायत में समाज के लोगों ने दहेज प्रथा का विरोध करते हुए इस कुरीति को समाज से खत्म करने का निर्णय लिया। समाज के लोगों ने आलिमों से अपील करते हुए कहा कि जिस शादी में दहेज का दिखावा हो, उसमें निकाह न पढ़ाया जाए।
मदरसा जामिया दारुल उलूम नूर मोहम्मदिया में आयोजित पंचायत में मास्टर अरशद ने कहा कि आप एक कसम खाओ की हम हम अपनी बेटियों की शादी में दहेज का दिखावा नहीं करेंगे और लड़के वाले बरात में सिर्फ 50 बरातियों से अधिक नहीं ले जाएंगे। पंचायत का संचालन कर रहे महमूद ने कहा कि अपने बच्चे-बच्चियों को अच्छी तालीम दिलाने के साथ साथ अच्छी तरबियत भी देनी चाहिए। उन्होंने उलमाओं से गुजारिश करते हुए कहा कि जिन शादियों में दहेज का दिखावा हो, उन शादियों में निकाह न पढ़ाया जाए। पंचायत में आए गुर्जर समाज के अन्य लोगों ने भी अपने अपने विचार रखे। पंचायत में हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड आदि राज्यों से गुर्जर समाज के लोग शामिल हुए। इस मौके पर सलीम रावल, मनवर हसन बापोली, इमरान गढ़ी कल्ला, रफा प्रधान, भूरा प्रधान, कौसर सरपंच बलहेडा, इरफान, हाजी अफजाल कैराना आदि मौजूद रहे। पंचायत की अध्यक्षता हाजी याकूब प्रधान ने की।