कुंभ शाही स्थान में जाते अखिल भारतीय पंच निर्मोही अखाड़े के महामंडलेश्वर महेंद्र दास जी महाराज।
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अखिल भारतीय पंच निर्मोही अखाड़े के महामंडलेश्वर एवं शनि पीठाधीश्वर महेंद्र दास ने कहा कि शाही स्नान के बीच वीआईपी कल्चर को खत्म किया जाना चाहिए। इससे स्नान करने के आए अन्य लोगों को भारी असुविधा होती है। महेंद्र दास के द्वारा प्रयागराज कुंभ में श्री बालाजी नगर खालसा की स्थापना मुक्ति मार्ग सेक्टर 17 गली नंबर पांच में की गई है। 20 दिन से मेरठ के 150 से अधिक लोग पंडाल में आने वालों सेवा कर रहे हैं।
महेंद्र दास महाराज ने बताया कि मंगलवार रात हुई भगदड़ में मथुरा कोसी की रहने वाली एक महिला की हाथ की हड्डी टूट गई। महिला ने बताया कि वह सबसे आगे थी इस बीच एक संत के पैर छूने के लिए दूसरी महिला झुकी और एक के बाद एक लोग एक दूसरे पर गिरते चले गए। वह महिला बालू पर कूद गई।
ऐसे में उसके हाथ की हड्डी टूट गई। बुधवार को पंडाल में रुकी और गुरुवार को वापस कोसी कलां रवाना हो गई। बुधवार को शाही स्नान में बालाजी नगर खालसा के युवा निकले लेकिन संगम स्थल पर पहुंचने में 9 घंटे का समय लग गया। अगर यह घटना होती तो दोपहर 12 बजे से पहले स्नान करने लेते। घटना होने के कारण रात्रि 8:30 बजे शाही स्नान किया।
हर तरफ पड़े थे चप्पल और कपड़े
मेरठ से 20 दिन पूर्व कंकरखेड़ा निवासी देवेंद्र कुमार सहित अन्य सात लोग मल्टीनेशनल कंपनी की मार्केटिंग के लिए प्रयागराज गए थे। देवेंद्र कुमार ने बताया कि घटना रात्रि में हुई। तब वह अपने होटल में सोए हुए थे। जब वह सेक्टर 20 में पहुंचे तो हर तरफ चप्पल और कपड़े पड़े थे। देवेंद्र ने बताया कि वह जूसी स्थित होटल में रह रहे हैं। संगम स्थल में जहां 15 मिनट लगते थे। बुधवार को 5 घंटे का समय लगा। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ देखा।
ट्रेनों में नहीं मिल रहा रिजर्वेशन
रोहटा रोड निवासी एनवायरमेंट क्लब के अध्यक्ष सावन कन्नौजिया ने बताया कि एक माह से कुंभ में है। तीन दिन बुखार होने के कारण होटल में रुके थे। परसो वह होटल में थे जब घटना हुई। सावन ने बताया कि वापस लौटने के लिए ट्रेन नहीं मिली। ऐसे में पहले बस से लखनऊ और फिर लखनऊ से मेरठ बृहस्पतिवार सुबह पहुंचे।
होटल में 22 हजार में मिला कमरा
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि मंगलवार रात 11 बजे प्रयागराज पहुंचे। रेलवे स्टेशन से उतरते ही सभी को पुलिस संगम की तरफ भेज रही थी। गनीमत रही कि संगम स्थल पर न जाकर होटल में ही रुक गए।
रात्रि में भगदड़ की घटना हो गई। होटल का नोर्मल कमरा 22 हजार का मिला। बुधवार सुबह कीड़ घाट से नांव से संगम में पहुंचे। बुधवार को रात्रि में पहली बार इंडिगो की फ्लाइट में 16 हजार का टिकट देकर दिल्ली आए और फिर मेरठ पहुंचे।
ट्रेन हो रही 8 घंटे से 10 घंटे लेट
बिजली बंबा बाईपास सूपरटेक पॉम ग्रीन दीपक सिंघल, धीरज सहित चार लोग सीधी प्रयागराज के लिए ट्रेन न मिलने पर लखनऊ पहुंचे। प्रयागराज के लिए टैक्सी की गई। लेकिन 70 किमी पहले टैक्सी को रोक दिया गया। 20 किलोमीटर पैदल चलने के बाद एक रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बैठे। ट्रेन 8 घंटे में प्रयागराज स्टेशन पहुंची। 10 किलोमीटर पैदल चलकर घाट पर पहुंचे और स्नान किया।