शामली। थानाभवन के पूर्व विधायक वारिस राव ने गन्ने का पुराना बकाया भुगतान कराने तथा गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग की है।
पूर्व विधायक ने कहा कि नया पेराई सीजन शुरू हुए दो माह से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन उत्तर प्रदेश के करीब 40 लाख गन्ना किसानों को अभी तक न तो यह पता है कि इस सीजन में उन्हें गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) कितना मिलेगा और न ही यह पता कि उसे भुगतान कब होगा। किसानों का पिछले सीजन का भी करीब 30 फीसदी तक गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी बनाने के लिए पिछले 40 दिन से अधिक समय से किसान दिल्ली सीमा पर आंदोलन कर रहे हैं, जबकि गन्ने के मामले में फेयर एंड रिम्यूनेरेटिव प्राइस (एफआरपी) की कानूनी गारंटी पहले से ही है और इसके भुगतान की भी आपूर्ति के 14 दिन बाद अनिवार्यता है। बकाया पर ब्याज भुगतान का प्रावधान है। उन्होंने बकाया भुगतान ब्याज सहित दिलाने की मांग की है। यह चौथा सीजन है जब उत्तर प्रदेश में गन्ने का एसएपी 325 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि पिछले दिनों ही पड़ोसी राज्य हरियाणा ने इसे बढ़ाकर 350 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।