शामली। जिले की प्रभारी मंत्री एवं बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 100 दिन के भीतर जितने कार्य और महत्वपूर्ण निर्णय लिए, उतने किसी सरकार में नहीं लिए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों को एनसीईआरटी पैटर्न पर संचालित करने की तैयारी चल रही है, जिसके तहत बच्चों की यूनिफार्म भी नए डिजाइन में बनवाई गई है।
बुधवार को प्रभारी मंत्री अनुपमा जायसवाल ने शामली कलक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
इस दौरान प्रेसवार्ता में उन्होंने प्रदेश सरकार के 100 दिन विश्वास नामक पत्रिका भी वितरित की। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी सरकार ने 100 दिन के कामकाज का एजेंडा सार्वजनिक किया। एतिहासिक निर्णयों के कारण आज उत्तर प्रदेश की चर्चा विदेशों तक होती है। जनता में विश्वास बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि वीआईपी कल्चर पूरी समाप्त करना ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही विद्युत आपूर्ति के लिए वीआईपी जिलों की व्यवस्था समाप्त कर दी गई, जिससे अब सभी जिलों में समान रूप से बिजली आपूर्ति होती है।
अवैध बूचड़खाने बंद कराए, छेड़छाड़ रोकने को एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन किया, अवैध खनन रोकने के लिए नई खनन नीति बनाई और ई टेंडरिंग से खनन के ठेके छोड़े गए। किसानों को कर्ज माफी, समय पर गन्ना मूल्य भुगतान और गेहूं खरीद केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए व्यवस्था कराई गई।
24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाए जाने का निर्णय लिया गया तथा महापुरुषों के नाम से होने वाले अवकाश निरस्त करना और स्वच्छता को लेकर अभियान चलाकर नई दिशा प्रदान की गई। इस दौरान विधायक तेजेंद्र निर्वाल, जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा, सीडीओ रेनू सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन तरार, जिला पंचायत अध्यक्ष पति प्रसन्न चौधरी, चेयरमैन अरविंद संगल, सीएमओ डाक्टर विनीता अग्निहोत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
वित्तविहीन शिक्षकों के बारे में जल्द होगा निर्णय
वित्त विहीन शिक्षकों को मिलने वाला मानदेय समाप्त कर दिया गया है। शिक्षक और कर्मचारी आंदोलनरत हैं तथा दो दिन पूर्व ही प्रदर्शन कर गिरफ्तारी दे चुके हैं।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल से जब वित्त विहीन शिक्षकों के मानदेय समाप्त करने के बारे में पूछा, तो वह बोली कि प्रदेश सरकार स्कूलों की व्यवस्था सुधारने में लगी हुई है। वित्त विहीन शिक्षकों के बारे में जल्द ही निर्णय सामने आ जाएगा।
उधर, जब प्रभारी मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कलक्ट्रेट सभाकक्ष में वार्ता की और प्रदेश भर में बिजली आपूर्ति एक समान हिसाब से वितरण का हवाला दिया, तभी बिजली आपूर्ति बंद होने से कलक्ट्रेट में अंधेरा छा गया। इस पर प्रभारी मंत्री बोलीं कि देख लो, बिजली भी गवाही दे रही है कि अब सभी जिलों में एक समान रूप से बिजली आती है और जाती है।