शामली/झिंझाना। मेरठ-करनाल हाईवे पर बिडौली में हुए हादसे के बाद सरकारी तंत्र फेल हो गया। लोगों ने हादसे की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को दे दी थी, लेकिन बचाव के लिए सरकारी मशीनरी मौके पर नहीं पहुंची। वहां इकट्ठा हुए लोगों ने खुद ही हिम्मत दिखाई और बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला, जिससे कई लोगों की जान बच गई। यदि समय रहते बस को उठवा दिया जाता, तो उसमें दबकर मरने वाले दो युवकों की जान भी बच सकती थी।
हादसे के बाद मौके पर बिडौली गांव के लोगों के साथ ही राहगीरों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई थी। पुलिस-प्रशासन को सूचना देने पर जब सरकारी स्तर पर राहत कार्य नहीं किया गया, तो लोगों ने खुद ही बस में फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। बस के शीशे तोड़कर लोगों को बाहर निकाला। इतना ही नहीं एक ग्रामीण तो अपना ट्रैक्टर लेकर वहां पहुंचा और बस को उठाने का प्रयास किया, लेकिन बस सीधी नहीं हो सकी।
इसके बाद जब तक एंबुलेंस मौके पर पहुंची, तो अधिकांश यात्रियों को बस से निकालने के बाद निकट के डॉक्टरों के यहां उपचार कराया जा रहा था। वहीं, लोगों ने मानवता का परिचय दिया। आसपास के व्यापारियों ने यात्रियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था कराई। इस कार्य में नरेश कौशिक, सुभाष फौजी, ज्योति गुप्ता, सरवर, दीपक, श्रवण, ज्योति, अर्जुन, संजय, गुड्डू, प्रवीण, अंकित, संदीप, सतपाल, जयप्रकाश, बेगराज, यश शर्मा, लोकेश शर्मा आदि का सहयोग रहा।
डायल 100 और 108 पर रिसीव नहीं हुई कॉल
दुर्घटना करीब सुबह 10 बजे हुई, तो इस दौरान लोगों ने डायल-100 और 108 एंबुलेंस को कॉल की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। ग्रामीण खुद ही राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। इसके बाद पुलिस-प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तब तक घायलों को अस्पतालों में भेजवा दिया था।
हादसे के बाद सीएमओ ने भेजी डॉक्टरों की टीम
शामली। बिडौली के पास बस हादसे की सूचना मिलते ही डाक्टरों की एक टीम शामली से भेजी गई। इसके अलावा सीएमओ तथा एसीएमओ ने भी मौके पर जाकर घायलों का हाल जाना। शामली में जिला अस्पताल नहीं है, लेकिन शामली सरकारी अस्पताल एफआरयू के रूप में काम कर रहा है।
शनिवार को जब झिंझाना में बस पलटी तो सूचना शामली सीएमओ डॉ सफल कुमार के पास पहुंची। उन्होंने 108 एंबुलेंस के नोडल अरशद तथा एसीएमओ डा. सुशील को मौके पर भेजा। मरीजों को सीएचसी में भर्ती कराने के साथ ही शामली अस्पताल के एक डाक्टरों की एक टीम डा. रामनिवास के नेतृत्व में गठित की गई, जिनको झिंझाना भेजा गया।
सभी का इलाज सीएचसी पर किया गया। हालांकि वहां पर अल्ट्रासाउंड तथा एक्सरे की सुविधा नहीं होने के कारण चार मरीजों को शामली अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। सीएमओ डा. सफल कुमार ने झिंझाना सीएचसी पर पहुंचकर मरीजों की हालत जानी।