गोशाला की दीवार भरभराकर गिरी
ऊन। कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत बनाई गई गोशाला की दीवार सोमवार रात भरभरा कर गिर पड़ी। जिससे निर्माण की गुणवत्ता की कलई खुल गई। नगर पंचायत प्रशासन ने सुबह ही निर्माण शुरू करा दिया। इस गोशाला के निर्माण में पूर्व में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।
नगर में कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत गोशाला के लिए 2.12 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। जिसमें सभासद संजय धीमान के प्रस्ताव पर यह स्वीकृति हुई थी। नगर पंचायत ने चहारदीवारी का निर्माण कराते हुए इंटरलॉकिंग बरामदा व एक पानी की हौज का निर्माण कराया था। इस योजना के तहत करीब 1.56 करोड़ रुपये नगर पंचायत द्वारा खाते से निकाले गए। जिसकी कस्बे वासियों ने शिकायत की थी। शिकायत पर जिलाधिकारी ने जांच कराई तो अनियमितताएं मिली थीं, जिसकी रिपोर्ट भी तत्कालीन जिलाधिकारी ने शासन को भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में जन उत्थान सेवा समिति ने भी मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की गई थी, लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। सोमवार शाम को गोशाला की चहारदीवारी का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभरा कर गिर गया। गोशाला में लगे कर्मचारी रातभर पशु बाहर न निकल जाए, इस डर से पहरा देते रहे। आनन-फानन में सुबह नगर पंचायत प्रशासन ने राजमिस्त्री बुलाकर निर्माण कार्य शुरू कराया। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी व एसडीएम कैराना शिव प्रकाश यादव ने बताया कि दीवार गिरने की सूचना मिली है। निर्माण शुरू करा दिया गया है।
बनाई गई अस्थायी गोशाला
कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत किया गया कार्य पूर्ण न होने के कारण तत्कालीन जिलाधिकारी ने पैसे की निकासी पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद वहां अस्थायी गोशाला बनाई गई। गोशाला में करीब 85 गोवंश हैं। गोशाला में गोवंश के लिए छांव की व्यवस्था नहीं है। 85 पशुओं के लिए एक टीन शेड डाला गया है। यहां छायादार वृक्ष नहीं हैं और न ही पानी व चारे की व्यवस्था ठीक है।