शामली। बनत में चल रहे तब्लीगी इज्तमा में दुआ के बाद जमात रवाना हो र्गइं। हजरत निजामुद्दीन से आए मौलाना जमेशद ने देश और दुनिया में अमन चैन की दुआ कराई। इसके साथ ही इज्तमा से 150 जमातें देश के विभिन्न हिस्सों के लिए रवाना हुईं। तब्लीगी इज्तमा में 54 निकाह भी कराए गए।
बनत में आयोजित मुजफ्फरनगर और शामली जिले की संयुक्त तब्लीगी इज्तमा में शनिवार तक लाखों मुस्लिम पहुंचे। इस दौरान दिल्ली के हजरत निमामुद्दीन से आए मौलाना जमशेद ने ब्यान किया कि जब दीन कमजोर हो जाएगा, तो हमारे अंदर बहुत सी बुराइयां पैदा होंगी। जिससे हम गलत रास्तों पर भटकने लगेंगे और दुनिया पर मुसीबतों का पहाड़ टूटने लगेगा। मुसलमानों को दीन के रास्ते पर चलकर इमान मजबूत करना चाहिए और खुदा के बताए रास्ते पर चलना चाहिए।
मौलाना जमशेद ने कहा कि तब्लीगी जमात भटके हुए मुसलमानों को दीन के रास्ते पर चलने की राह दिखाती है।
इसके बाद करीब साढ़े 11 बजे मौलाना जमशेद ने दुआ कराई। जमातों को रवाना किया गया। 150 जमातें देश के विभिन्न हिस्सों के लिए रवाना हुईं। यह जमातें चेन्नई, मुंबई, अंडमान निकोबार आदि स्थानों पर जाकर खुदा के बताए रास्तों और उसकी सुन्नतों पर चलने का पैगाम देंगी।
तब्लीगी इज्तमा में हापुड़ से आए मुफ्ती मकसूद ने 54 निकाह कराएं। इस दौरान मौलाना नौशाद, मौलाना शौकीन, मौलाना नजाकत अली, मौलाना नौशाद, कारी शमीम, हाफिज बुरहान, मौलाना इस्लाम, मौलाना साजिद आदि मौजूद रहे।