शामली। आर्य उपदेशक वेद प्रकाश ने कहा कि परमात्मा सृष्टि के कण-कण में विद्यमान है। स्वाध्याय व चिंतन से ईश्वर का आनंद रूपी अमृत प्राप्त होता है।
बुधवार को आर्य समाज मंदिर में श्रावणी पर्व के अंतर्गत चल रहे वेद प्रचार सप्ताह के तीसरे दिन वैदिक यज्ञ से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यज्ञ के ब्रह्मा डॉ. रविदत्त शास्त्री और मुख्य यजमान सत्यप्रकाश अग्रवाल, अनीता अग्रवाल, नरेंद्र अग्रवाल, ब्रजलता अग्रवाल, वेदप्रकाश आर्य, मीनाक्षी आर्य, नितिन वर्मा व मोनिका वर्मा रहे। भजन उपदेशक प्रदीप शास्त्री ने भजनों के माध्यम से आर्यजनों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि हर पल में हो प्रभु सुमिरन तेरा, ऐसा बना दो प्रभु जीवन मेरा समेत ईश्वर उपासना को प्रेरित करने वाले भजन प्रस्तुत किए। दिल्ली से आए आर्य उपदेशक वेदप्रकाश श्रोत्रिय ने कहा कि जो ब्रह्म से शक्ति प्राप्त कर लेता है, वह सर्वशक्तिमान बन जाता है। परमात्मा प्रत्येक प्राणी व सृष्टि के कण-कण में विद्यमान है। स्वाध्याय, चिंतन से ईश्वर का आनंद अमृत प्राप्त होता है।
संचालन मंत्री सुभाष धीमान ने किया। मौके पर आर्य के संरक्षक रघुवीर सिंह, प्रधान सुभाष गोयल आर्य, कोषाध्यक्ष रविकांत आर्य, आर्य विद्या सभा के प्रधान राजपाल आर्य, मंत्री दिनेश आर्य, शैलेश मुनि, वेद प्रकाश आर्य, बीरबल आर्य, इलमचंद आर्य, सुरेंद्र आर्य, सतपाल सिंह, राजीव हटवाल, पवन आर्य, डा. रणवीर सिंह मौजूद रहे।