जिले की चीनी मिले गन्ना खरीद में अव्वल हैं और बकाया गन्ना भुगतान में फिसड्ड़ी साबित हो रही हैं। इस गन्ना पेराई सत्र में चीनी मिलों पर 418 करोड़ 24 लाख 65 हजार रुपये बकाया हो गया है। सवा तीन माह में नए पेराई सत्र में जिले की चीनी मिलें मात्र 49 करोड़ 66 लाख 77 हजार रुपये का किसानों का बकाया गन्ना भुुगतान ही कर पाई है।
जिले की चीनी मिलों का गन्ना पेराई सत्र 2018 नवंबर माह में शुरू हो गया था। जिसमें थानाभवन चीनी मिल एक नवंबर, शामली दस नवंबर, ऊन चीनी मिल 13 नवंबर से अपना पेराई सत्र चालू किया था। सवा तीन माह में शामली चीनी मिल मात्र 15 करोड़ रुपये, थानाभवन मिल 13 करोड़ 30 लाख 80 हजार रुपये, ऊन चीनी मिल 21 करोड़ 36 लाख 77 हजार रुपये का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कर पाई है। गौर किया जाए तो जिले की चीनी मिलो ने दस फरवरी तक 169 लाख 51 हजार क्विंटल गन्ना यानी 467 करोड़ 92 लाख 22 हजार रुपये का गन्ना खरीद चुकी है। जिसमें शामली चीनी मिल 128 करोड़, 46 लाख 73 हजार रुपये, थानाभवन मिल 216 करोड़, 67 लाख 10 हजार रुपये, ऊन चीनी मिल 122 करोड़ 76 लाख 39 हजार रुपये का गन्ना शामिल है।
जिले की चीनी मिलों पर कुल 418 करोड़ 24 लाख 65 हजार रुपये का गन्ना भुगतान अवशेष है। जिसमें शामली चीनी मिल पर 113 करोड़ 46 लाख 73 हजार रुपये, थानाभवन चीनी मिल पर 203 करोड़ रुपये 38 लाख 30 हजार रुपये, ऊन चीनी मिल पर 101 करोड़ 39 लाख 62 हजार रुपये किसानों का अवशेष भुगतान है। जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल भारती का कहना है कि शामली चीनी मिल की सॉफ्ट लोन की प्रक्रिया 15 दिन के लिए बढ़ा दी गई है। शामली चीनी मिल की साफ्ट लोन की धनराशि आने के बाद किसानों का पिछले सत्र का बकाया गन्ना भुुगतान करा दिया जाएगा। उधर, किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक ने बताया कि शामली चीनी मिल के बकाया गन्ना भुगतान दिलाए जाने के संबंध में डीएम अखिलेश कुमार सिंह से मिले थे, उन्होंने 15 फरवरी तक किसानों का बकाया गन्ना भुुगतान कराए जाने का आश्वासन दिया है।
चीनी मिलें - कुल चीनी बनी लाख क्विंटल गन्ना रिकवरी प्रतिशत
शामली 4.79 लाख - 10. 63
थानाभवन 8.33 लाख - 10.92
ऊन - 4.79 लाख - 10.58