छह माह से हमनाम की आड़ में बच रहा था गैंगस्टर
जलालाबाद (शामली)। बुधवार को गैंगस्टर में गिरफ्तार किया गया मेरठ के सरधना का मूल निवासी बाबू पुत्र समीरा अपने हमनाम की आड़ में पुलिस से बचता आ रहा था। पुलिस उसे करीब छह माह से तलाश कर रही थी। उसके हमनाम की दो साल पहले मौत हो चुकी है। इसलिए संभल से जब भी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए वारंट आते और पुलिस जांच के लिए जाती, तो लोग उसे मृत बता देते। बुधवार को सही मामले का पता लगने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया।
मेरठ जिले के सरधना का मूल निवासी बाबू उर्फ लाखन चार साल पहले जलालाबाद में आकर कांशीराम कॉलोनी में रहने लगा था। करीब एक साल पहले उसने अपना मकान जलालाबाद देहात में रेलवे मार्ग निकट कॉलोनी में बना लिया था। बाबू उर्फ लाखन के खिलाफ सन् 2019 में संभल जनपद पुलिस ने गोवध में मुकदमा दर्ज किया था। सन 2020 में उस पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की गई। छह माह से वह फरार था। संभल से जब भी वारंट आता, तो थानाभवन पुलिस उसे तलाश करती। पुलिस बाबू उर्फ लाखन पुत्र समीरा की तलाश में जाती, तो मोहल्ले के लोग बता देते कि बाबू पुत्र समीरा की मौत हो चुकी है। दरअसल, कांशीराम कॉलोनी में एक अन्य बाबू पुत्र समीरा रहता था, जिसकी मौत दो साल पहले हो चुकी है। इसलिए वांछित पुलिस से बचा रहता। कुछ दिन पूर्व कुछ दिन पूर्व फिर से वांछित के वारंट जारी हुए, तो जलालाबाद चौकी पुलिस ने उसकी तलाश की। चौकी प्रभारी सचिन पूनिया ने बताया कि संभल में वांछित चल रहे बाबू उर्फ लाखन पुत्र समीरा को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से एक तमंचा व कारतूस भी बरामद किए गए थे। उसका चालान किया जा चुका है।