शामली। जिले में पढ़े-लिखे दंपती एक-दूसरे के नाम पर लोन ले रहे हैं। आर्थिक तंगी के बीच जैसे ही लोन की किस्तें टूटती हैं, पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो जाता है। वन स्टॉप सेंटर में इस तरह के नौ मामले पहुंच चुके हैं। इनमें विभागीय अधिकारी दंपती के बीच सुलह का प्रयास कर रहे हैं। इनमें कुछ ऐसे मामले हैं, जिनमें पति या पत्नी ने लोन तो ले लिया, लेकिन दूसरे पक्ष को इसकी जानकारी किस्त टूटने के बाद हुई।
कारोबार के लिए जेवर गिरवी रखकर लिया पांच लाख का लोन
शहर के दिल्ली रोड निवासी महिला ने 15 सितंबर को वन स्टॉप सेंटर में शिकायत की कि पति ने नया कारोबार शुरू करने के लिए जेवर गिरवी रखकर पांच लाख रुपये का लोन लिया। किस्तें नहीं भरी गईं तो उसे लोन की जानकारी हुई। महिला ने पति पर पिटाई करने और दहेज के लिए परेशान करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है।
किस्त टूटी तो सामने आया मामला
शहर के गुरुद्वारे के पास रहने वाले नौकरीपेशा व्यक्ति ने 12 सितंबर को शिकायत करते हुए बताया कि उसकी पत्नी निजी अध्यापिका हैं। पत्नी ने उसे बिना बताए उसके नाम पर तीन लाख रुपये का लोन ले लिया। किस्त टूटने पर उसे इसकी जानकारी हुई। अब किस्त भरने के लिए कहने पर पत्नी द्वारा दहेज उत्पीड़न के मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप है। वन स्टॉप सेंटर के अधिकारी दंपती के बीच सुलह का प्रयास कर रहे हैं।
पति ने पत्नी को बताए बिना लिया तीन लाख का कर्ज
गढ़ी निवासी महिला ने 10 सितंबर को शिकायत करते हुए बताया कि वह निजी फैक्टरी में नौकरी करती है। पति ने उसे बिना बताए तीन लाख रुपये का लोन लिया। एक साल से किस्तें नहीं भरी जा रही हैं। किस्त भरने के लिए कहने पर पति द्वारा आए दिन पिटाई करने का आरोप है। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच सुलह का प्रयास किया।
नौ मामलों में चार में बिना बताए लिया लोन
वन स्टॉप सेंटर में अब तक ऐसे नौ मामले पहुंच चुके हैं। इनमें पांच मामलों में आपसी सहमति से लोन लिया गया था, लेकिन किस्त नहीं भरने पर विवाद हुआ। चार मामलों में पति या पत्नी ने एक-दूसरे को बिना बताए आधार कार्ड आदि के जरिये लोन लिया। किस्तें टूटने के बाद कंपनी के अधिकारी घर पहुंचे तो दूसरे पक्ष को लोन की जानकारी हुई।
पांच मामलों में आपसी सहमति से लोन लेने के बाद किस्त नहीं भरने पर विवाद सामने आया है, जबकि चार मामलों में पति-पत्नी ने एक-दूसरे को बिना बताए आधार कार्ड आदि के जरिये लोन लिया। किस्तें टूटने पर कंपनी के अधिकारी घर पहुंचे तो दूसरे पक्ष को मामले की जानकारी हुई। सुलह का प्रयास किया जा रहा है। लोन लेने से पहले आय और उसे चुकाने की क्षमता का आकलन करना बहुत जरूरी है। - गजाला त्यागी, प्रभारी, वन स्टॉप सेंटर, शामली
विवाद से बचाव को यह करें
काउंसलर नेहा के अनुसार लोन की ब्याज दर, अवधि और कुल भुगतान की राशि भी पहले से समझ लेनी चाहिए। घरेलू बजट को ध्यान में रखते हुए ही कर्ज लें और किसी के आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज का इस्तेमाल उसकी जानकारी के बिना न करें। किस्त चुकाने में परेशानी होने पर विवाद बढ़ाने के बजाय संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था से संपर्क कर समाधान का प्रयास करना चाहिए।