शामली। जिले की चीनी मिलों की ओर से किसानों को संपूर्ण गन्ना भुगतान न किए जाने से दीपावली फीकी रहेगी। आंदोलित किसानों दीपावली नहीं मनाने की घोषणा की है। शामली चीनी मिल के अफसरों ने धरनास्थल पर पहुंचकर दस करोड़ रुपये का अगले सप्ताह बकाया गन्ना भुगतान देने का आश्वासन दिया है।
शनिवार को शामली गन्ना समिति कार्यालय में खाप समन्वय किसान मंच के बेमियादी धरने में सर्व सम्मति से निर्णय लिया है कि किसानों का गन्ना भुगतान नहीं होने ओर उनके गन्ने का दूसरे मिलों में आवंटन नही होने के कारण किसानों द्वारा इस बार दीपावली का त्योहार नहीं मनाएगा। किसानों के बेमियादी धरने पर शामली चीनी मिल के वाइस प्रेसीडेंट सुशील कुमार, एडीजीएम दीपक राणा पहुंचे। मिल के अफसरों ने कहा कि चीनी को बेचकर किसानों को दस करोड़ रुपये का अगले समाप्त भुगतान किया जाएगा। मिल अधिकारियों की वार्ता के बाद कालखंडे खाप के चौधरी बाबा संजय कालखंडे, मास्टर संजीव सिलावर ने कहा कि अब मिल प्रशासन से वार्ता का कोई मायने नहीं रहा। अब हमारी उम्मीद उत्तर प्रदेश सरकार से है कि सरकार उनकी समस्या पर गंभीरता से विचार करे। तत्काल उनके गन्ने का आवंटन दूसरी मिलों को कराकर बकाया भुगतान की तुरंत व्यवस्था कराए। धरने की अध्यक्षता चौधरी करन सिंह झाल ने की। धरने में बाबूराम, ओमकर कुड़ाना, सतवीर निर्वाल, विनोद लिलोन, मनोज झाल, संजीव प्रधान, रणपाल निर्वाल, यशपाल सिंह शेखूपुरा आदि रहे ।
83 वें दिन शामली मिल बाॅयलर हाऊस में जारी रहा धरना
शामली। शामली चीनी मिल के बाॅयलर हाऊस में किसानों का 83वें दिन बेमियादी धरना जारी रहा। धरना संयोजक सजीव लिलौन ने कहा कि शामली चीनी मिल की ओर से किसानों का गन्ना भुगतान नहीं किया गया है, इस बार किसान बिना पैसे दिवाली भी नहीं मना पा रहा है। इस मौके पर चंद्रपाल लिलौन, नेपाल सिंह झाल, यामीन लिलौन, सुकरमपाल कसेरवा कलां, प्रभात मलिक, अंकित भैंसवाल, पंकज बनत, बबलू लिलौन, विकास भैंसवाल, धर्मेंद्र सिम्भालखा, जयकुमार बरलाजट, बिरेंद्र सिंह, हसनपुर, मेघपाल झाल, इकबाल सिंह बरलाजट मौजूद रहे।