शामली। महरमपुर में जहरीली हवा के कारण हुई परेशानी से अन्य लोग भी चपेट में आ गए। शनिवार देर रात तक कई लोगों को सीएचसी लाकर उपचार कराया गया। जहरीली हवा कैसे फैली, इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी, मगर सिलावर गांव के पास लोगों को टीयरगैस नुमा सैल मिला, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया है।
शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे गांव महरमपुर में हवा में विषैलापन होने के कारण लोगों को आंखों में जलन हुई और सांस लेना भी दुश्वार हो गया था। रात में ही सीएचसी से एंबुलेंस भिजवाकर छह ग्रामीणों को अस्पताल लाया गया। उसके बाद आधी रात को भी पांच लोग और अस्पताल लाए गए। शामली सीएचसी केंद्र प्रभारी डॉक्टर जगमोहन का कहना है कि सभी लोगों को उपचार देने के बाद घर भेज दिया गया है।
उधर, रविवार सुबह महरमपुर के पास स्थित गांव सिलावर में एक जला हुआ सैल मिला, जो टीयर गैस नुमा था। ग्रामीणों में आशंका हुई कि किसी साजिश के तहत गांव के पास यह सैल फेंका गया, जिससे हवा में जहर घुला। इसकी सूचना पर आदर्श मंडी थानाध्यक्ष साहब सिंह भी सिलावर पहुंचे। ग्रामीणों ने उक्त सैल थानाध्यक्ष को सौंप दिया।
थानाध्यक्ष का कहना है कि इसकी फोरेंसिक लैब भेजकर जांच कराई जाएगी कि यह किस इस्तेमाल में आता है और उसमें क्या भरा होता है। इस दौरान योगेंद्र कुमार, प्रवीण तरार, राजकुमार, नरेश, मुकेश आदि मौजूद रहे। थानाध्यक्ष साहब सिंह ने ग्रामीणों द्वारा दिखाए गए सैल को सूंघा, तो वह भी कुछ देर परेशानी में पड़ गए। उनकी आंख में जलन हुई और सांस लेने में दिक्कत होने लगी।