शामली। महिला का गलत ऑपरेशन करने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने जुर्माना लगाया है।
राझड़ निवासी रेखा पत्नी नरेश सिंह ने वर्ष 2014 में परिवाद दायर किया था। जिसमें आरोप लगाया था कि झिंझाना रोड स्थित राठी नर्सिंग होम में पित्त की थैली का ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन सीएचसी के तत्कालीन सर्जन डॉ. आरके ढाका ने किया था। जिसके बाद उसकी तबियत बिगड़ गई। अन्य अस्पताल में जांच में पता चला कि गलत ऑपरेशन के चलते लिवर की नस डिस्टर्ब हो गई है। जिसके बाद मेरठ के अस्पताल में ऑपरेशन हुआ। जिसमें काफी पैसा खर्च हुआ। ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी की ओर से उन्हें बीमा राशि नहीं दी गई। जबकि मेरठ के आनंद अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अमित जैन और डॉ. नवनीत अग्रवाल ने उनकी मेडिकल हिस्ट्री उपलब्ध नहीं कराई।
इस मामले में आयोग ने राठी नर्सिंग होम और डॉ. आरके ढाका पर तीन लाख रुपये, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। डॉ. आरके ढाका पर निजी चिकित्सा न करने का भत्ता सरकार से लेते हुए भी निजी हॉस्पिटल में ऑपरेशन करने पर 75 हजार का जुर्माना लगाया। साथ ही न्यायालय में गलत साक्ष्य पेश करने पर डॉ. आरे ढाका पर अलग से कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा मेडिकल हिस्ट्री उपलब्ध न कराने पर डॉ. अमित जैन और डॉ. नवनीत अग्रवाल पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है। सीएमओ को आदेश दिए हैं कि वह सुनिश्चित करें कि जिले के सरकारी चिकित्सक प्राइवेट हॉस्पिटल में कार्य नहीं कर रहे हों।