ऊन। गैस के दामों में बार-बार हो रही बढ़ोतरी से व्यापारी वर्ग बेहद परेशान है। सोमवार को कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम में एक ही बार में 42 रुपये की बढ़ोतरी होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़ा झटका लगा है।
व्यापारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के कारण अब कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि चाय, नाश्ता, भोजन और शादी-ब्याह की कैटरिंग सेवाएं महंगी हो जाएंगी। इसके अलावा 5 किलो वाले सिलिंडर कनेक्शन की कीमत में भी 11 रुपये की वृद्धि की गई है, जिसका असर अकेले रहने वाले छात्रों, प्रवासी मजदूरों और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ेगा।
ऊन के हलवाई निर्दोष ने कहा कि लगातार बढ़ती गैस कीमतों ने छोटे व्यवसाय को संकट में डाल दिया है। पहले से ही बढ़ती लागत के बीच यह नया बोझ ग्राहकों पर डालना भी मुश्किल है, जिससे मुनाफा लगभग खत्म होने की स्थिति बन गई है।
मिठाई विक्रेता गोविंद नामदेव ने बताया कि कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम कई बार बढ़ चुके हैं और अब एक साथ हुई यह वृद्धि बेहद चिंताजनक है। अगर यही स्थिति रही तो खाने-पीने की सभी चीजों के दाम बढ़ाने पड़ेंगे।
भाकियू संघर्ष मोर्चा की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष संजू चौधरी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल, बिजली और अब गैस के दाम बढ़ने से आम आदमी और किसानों पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
गृहिणी खुशबू देवी ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने घर का बजट बिगाड़ दिया है। अब रसोई में कुछ भी बनाने से पहले सोचना पड़ता है, जबकि आय जस की तस बनी हुई है।
उद्योगों और कारोबारियों पर बढ़ा बोझ
शामली। साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल, धनश्याम दास गर्ग ने पीएम को भेजे पत्र में कहा कि पहले से ही बिजली, परिवहन और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण उद्योगों पर आर्थिक दबाव बना हुआ है। ऐसे में कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़ने से खर्च और बढ़ गया है। होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई उद्योग, बेकरी और अन्य गैस आधारित कारोबार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उद्यमियों ने सरकार से कॉमर्शियल सिलिंडरोें की कीमतों पर पुनर्विचार करने और कारोबारियों को राहत देने की मांग की है।