शामली के झिंझाना में मेरठ-करनाल हाईवे पर बुधवार देर रात कोहरे में ट्रक और ट्रैक्टर ट्राली की जबरदस्त भिड़ंत हुई। हादसे में ट्रैक्टर ट्राली सवार तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। वहीं, युवकों की मौत से पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया।
बुधवार रात करीब 11 बजे चौसाना चौकी क्षेत्र के गांव जिजौला निवासी इशरत (32), अफसर (36), मुशब्बर (22) और गुलबहार उर्फ गुल्लू ट्रैक्टर-ट्राली से हरियाणा के करनाल से पुराल लेने जा रहे थे। मेरठ-करनाल हाईवे पर बिड़ौली चेकपोस्ट के पास घने कोहरे के कारण चालक अफसर ने ट्रैक्टर-ट्राली को सड़क किनारे रोक दिया। वह जिजौला से अन्य किसानों की ट्रैक्टर ट्राली आने का इंतजार करने लगा। इसी दौरान अनियंत्रित गति से आए 22 टायरा ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्राली में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर कई हिस्सों में बंट गया। इसके चलते इशरत और मुशब्बर की मौके पर मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अफसर तथा गुल्लू को झिंझाना सीएचसी पहुंचाया। वहां उपचार के दौरान अफसर की मौत हो गई, जबकि गुल्लू को गंभीर हालत के चलते जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मरने वाले तीनों युवक एक ही खानदान से थे। हादसे की सूचना पर परिवार के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। पूर्व प्रधान हसन ने अज्ञात में ट्रक चालक के खिलाफ झिंझाना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाना प्रभारी संदीप बालियान ने बताया कि ट्रक कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है। आरोपी चालक को तलाश किया जा रहा है। वहीं, तीनों युवकों के शव पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिए गए। शव गांव में पहुंचने पर परिवारों में कोहराम मच गया।
गम में डूबा जिजौला, नहीं जले चूल्हे
चौसाना/शामली। ट्रक और ट्रैक्टर ट्राली की भिड़ंत में तीन युवकों की मौत होने पर गांव जिजौला गम में डूब गया। युवकों के परिवार में मातम पसरा रहा और रो रोकर बुरा हाल हो गया। शाम को साढ़े छह बजे तीनों के शव गांव में पहुंचे, तो कोहराम मच गया। इसके बाद गमगीन माहौल में शव सुपुर्द-ए खाक कर दिए गए।
गांव जिजौला निवासी चार युवक बुधवार रात ट्रैक्टर ट्राली से हरियाणा के करनाल जा रहे थे। मेरठ-करनाल हाईवे पर बिड़ौली चेकपोस्ट के पास ट्रक की टक्कर लगने से अफसर, इशरत और मुसब्बर की मौत हो गई, जबकि गुलबहार घायल हो गया था। हादसे की सूचना गांव जिजौला में पहुंची, तो परिवारों में मातम पसर गया। बृहस्पतिवार को दिन भर गांव में सन्नाटा पसरा रहा। गांव का हर व्यक्ति इस हादसे पर दुखी नजर आया। गम में डूबे ग्रामीणों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले। जिजौला के साथ ही चौसाना के सैकड़ों लोगों ने भी गांव में पहुंचकर घटना पर दुख जताया। वहीं, पोस्टमार्टम होने के बाद शाम करीब साढ़े छह बजे तीनों के शव गांव में लाए गए, तो तीनों ही परिवारों में कोहराम मच गया। परिवार की महिलाएं और बच्चे बिलख कर रोने लगे। सैकड़ों लोग जनाजे की नमाज में शामिल हुए। इसके बाद कब्रिस्तान ले जाकर तीनों युवकों के शव सुपुर्द ए खाक कर दिए गए।
छह बहनों का इकलौता भाई था इशरत
हादसे में मरने वाला इशरत छह बहनों का इकलौता भाई था। उसकी शादी डेढ़ साल पूर्व हुई हुई थी, जिसके बाद उसके परिवार में एक बेटे का जन्म हुआ। इशरत की मौत पर परिवार में उसकी बहनों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उधर, मृतक अफसर के दो भाई और दो बहनें हैं। अफसर भी शादीशुदा था और दो बच्चों का बाप था। वहीं, मुसब्बर उर्फ लाला के परिवार में तीन भाई और तीन बहनें हैं।
पेट पालने के लिए लाते थे हरियाणा से पुराल
गांव जिजौला के करीब 70 लोग हरियाणा से पुराल लाकर बेचने का कार्य करते हैं। काफी समय से यह कार्य बंद था। एक सप्ताह पूर्व ही लोगों ने पुराल लाने का कार्य प्रारंभ किया। ग्रामीणों ने बताया कि हरियाणा से 150 रुपये प्रति क्विंटल पुराल खरीदकर लाई जाती है, जिसे यहां 250 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचते हैं। एक सौ रुपये प्रति क्विंटल से होने वाले मुनाफे से ही इन परिवारों की आजीविका चल रही है।