शामली। बलवा रेलवे फाटक पर प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण में रेल विद्युत लाइन बाधा बन रही है। इसके नीचे होने पर ही फ्लाईओवर निर्माण शुरू हो सकेगा। एनएचएआई की ओर से रेल विद्युत लाइन की ऊंचाई कम करने का एस्टीमेट तैयार करके दिल्ली रेलवे मंडल को भेजा जा चुका है। वहां से मंजूरी के बाद रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ब्लॉक लेकर प्रस्तावित फ्लाईओवर के नीचे विद्युत लाइन की ऊंचाई कम करेगी।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का दस किमी लंबा शामली बाईपास बलवा गेट से शुरू होकर रेलवे फाटक, सिंभालका से सेहटा होते हुए शामली तहसील के बराबर से सहारनपुर रोड पर साईं धाम मंदिर से आगे मिल रहा है। बलवा गेट से सहारनपुर रोड तक बाईपास निर्माण दो माह पूर्व पूरा चुका है, लेकिन बलवा रेलवे ओवरब्रिज, सिभालका व सेहटा में फ्लाईओवर निर्माण अधर में है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे तथा शामली बाईपास का निर्माण कर रही कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र बालियान का कहना है कि बलवा समेत हाईवे के दूसरे फ्लाईओवर का निर्माण करने की अनुमति नहीं है। जिससे बलवा रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर का निर्माण अधर में है। उनका कहना है कि बलवा फ्लाईओवर निर्माण में रेल विद्युत लाइन बाधा बन रही है। रेल विद्युत लाइन नीचे हो तो फ्लाईओवर निर्माण में तेजी आए। हालांकि एनएचएआई की ओर से रेल विद्युत लाइन की ऊंचाई करने का एस्टीमेट तैयार करके दिल्ली मंडल भेजा गया है।
एनएचएआई अवगत कराए
उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल के डीआरएम डिंपी गर्ग का कहना है कि रेलवे पुलों के निर्माण की अनुमति लेने का जिम्मा एनएचएआई बागपत इकाई का है। उन्होंने अभी तक रेलवे पुलों के निर्माण के लिए अनुमति नहीं ली है। यदि अनुमति के लिए आवेदन किया है उनके कार्यालय के संज्ञान लाया जाए। जिस पर कार्रवाई की जा सके।