सीओ सौरव सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि करीब 20 क्विंटल विस्फोटक सामग्री और पटाखे बनाने का सामान बरामद किया गया है। इसे कब्जे में ले लिया गया है। वही मामले की जांच डॉग स्क्वायड टीम के साथ-साथ संयुक्त टीम से कराई गई। गौशाला ईश्वर चंद कुंडू के नाम से संचालित है। मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
पटाखे बनाने के लिए चुना सुनसान इलाका
करीब 4 महीने पूर्व मवाना के सटला गांव में बड़े पैमाने पर पटाखे जब्त किए गए थे, साथ ही अवैध रूप से बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई भी की गई थी, जिसके बाद गांव में पटाखे बनाने के कार्य को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया। इसके बाद पटाखा बनाने वाले लोगों ने हस्तिनापुर के पास यह सुनसान इलाके में पटाखे बनाने का काम किया जा रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई महीनों से यहां पर पटाखे की फैक्टरी चल रही थी।
...तो हो सकता था बड़ा हादसा
पटाखा बनाने की फैक्टरी में अगर किसी कारण आग लग जाती तो यहां पर किसानों को बड़ी हानि होती। क्योंकि गौशाला के चारों ओर गन्ना और गेहूं की फसल खड़ी है। पटाखा फैक्टरी पिछले कई महीनों से संचालित थी, उसके बाद भी खुफिया तंत्र और पुलिस विभाग पता लगाने में नाकाम रहा।
यह भी पढ़ें : UP: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बोले- बेंगलुरु से शुरू हुआ इंडिया गठबंधन, मुंबई तक आते-आते निकल गई हवा
विस्फोटक सामग्री को कब्जे में लिया गया है। बम निरोधक दस्ते को भी सूचना दी गई है, जो मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल करेगी। फैक्टरी संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - सौरव सिंह, सीओ मवाना