चौसाना। बृृहस्पतिवार की शाम तेज आंधी के कारण टोडा समेत कई गांवों के किसानों के खेतों में लगी आग से सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल और भूसे को भारी नुकसान पहुंचा है। आग को बुझाने के लिए आई दमकल की गाड़ी का पानी समाप्त हो गया। बृहस्पतिवार की शाम तेज हवाओं के दौरान टोडा गांव के निकट ही ग्रामीणों के तीस बिटौड़ों में अचानक आग लगने से अफरातफरी मच गई। तेज आंधी के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। बिटौडे को धू-धू जलते देख गांव की महिलाएं बिलख बिलखकर रोती रहंी। आग लगने से
टोडा गांव के गुलाब सिंह के 5 बीघा गेहूं, लोकी प्रजापत के पांच बीघा गेहूं व भूसा, मंजूरा के आठ बीघा के खेतों में आग लगने से संपूर्ण फसल नष्ट हो गई। टोडा गांव में आमीन, सतपाल, कृष्णपाल, पप्पू, विकास,जलवीर सहित अन्य ग्रामीणों के तीस बिटौड़ों में आग लग गई, जो तेज आंधी के दौरान भयावह रूप ले गई। ग्रामीणों के अनुसार आग इतनी भयंकर थी कि आग को बुझाने के लिए पास जाने की हिम्मत नही हो सकी। बिटौड़े की आग के चपेट में आने से बालिस्टर के 10 बीघा गन्ना भी जल गया है। दथेडा गांव में 70 बीघा भूसा, गढी हसनपुर में 45 बीघा भूसा व 15 बीघा गेहूं, गंगारामपुर में 60 बीघा भूसा व 13 बीघा गेहू व अमलापुर में 55 बीघा भूसा जलकर राख हो गया। आग की सूचना पर ऊन पुलिस व पीवीआर को भी चौसाना भेजा गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और फायर बिग्रेड को बुलाया गया। शाम तक आग पर काबू नही पाया जा सका।
एक बिटौड़े की आग भी नहीं बुझा सकी फायर ब्रिगेड
चौसाना। टोडा गांव में करीब तीस बिटौड़ों में आग लग जाने के बाद महिलाओं का रोना धोना शुरू हो गया। कंट्रोल रूम को सूचना देकर फायर बिग्रेड को मौके पर बुलाए जाने की मांग की। दमकल विभाग द्वारा सिर्फ एक छोटी गाड़ी को मौके पर भेजा गया। फायर ब्रिगे़डको देखकर ग्रामीणों को आस जगी थी कि आग पर काबू पाया जा सकेगा। लेकिन फायर ब्रिगेड एक भी बिटोड़े की आग को बुझाने में ही समाप्त हो गया, जिस पर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। उधर, आंधी आने के कारण जहां एक ओर किसान आग को बुझाने का प्रयास करते रहे, वहंी कई पेड़ आंधी के कारण नीचे गिर गए। किसानों को लाखो का नुकसान हुआ।