शामली। करनाल के सिविल सर्जन की तरफ से शहर के करनाल रोड स्थित आस्था अस्पताल के विरुद्ध महिला का गर्भपात कराने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह प्राथमिकी करनाल में दर्ज हाेने के बाद कार्रवाई के लिए शहर कोतवाली भेजा गया है।
करनाल के सिविल सर्जन ने एसपी करनाल को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि सरकार के निर्देश पर जिनकी पहली बेटी है, उन गर्भवती महिलाओं की बैक ट्रैकिंग चल रही है। बैक ट्रैकिंग में पाया गया कि सीएचसी घरोंडा में गर्भवती महिला आंचल निवासी गांव माजरा पीएचसी चौरा का 30 अगस्त 2025 को 17 हफ्ते का आस्था अस्पताल शामली में गर्भपात हुआ है। चार सितंबर को डॉ. शीनू चौधरी, उप सिविल सर्जन डॉ. संदीप अबरोल व डॉ. नीरू एसएमओ की टीम गठित की गई। टीम ने शामली आस्था अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि अस्पताल एमटीपी रजिस्टर्ड सेंटर नहीं है। फार्मासिस्ट ने फोन पर महिला चिकित्सक डॉ. शाइस्ता नाज को बुलाया।
आंचल के गर्भपात के बारे में महिला चिकित्सक से पूछा तो उसने बताया कि वह डिलीवरी करती है, एमटीपी नहीं करती। महिला चिकित्सक ने बताया कि 30 अगस्त को वह अस्पताल नहीं आई थी। आशा वर्कर अंजू को आंचल के घर उसके बयान लेने भेजा गया तो आंचल ने बताया कि 16 अगस्त को घरौंडा में अपना अल्ट्रासाउंड कराया था, जिसमें बच्चे के पेशाब की थैली बड़ी बताई गई। इसके बाद उसने आस्था अस्पताल में गर्भपात करवा लिया। जांच में पाया जा सकता है कि इस केस में गैर कानूनी गर्भपात होने की संभावना है। शहर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।