- किशोरी को बालिग दर्शाकर फर्जी तरीके से खाता खुलवाकर रुपये निकालने का आरोप
- कोर्ट के आदेश पर आदर्श मंडी थाने में दर्ज किया मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। सिलावर गांव के किसान शरण वीर सिंह ने धोखाधड़ी से मृतक महिला का खाता बंद कराकर किशोरी को नॉमिनी दर्शाते हुए उसके खाते में रुपये ट्रांसफर कराने के मामले में आंध्रा बैंंक के प्रबंधक, कर्मचारी और पिता, पुत्री समेत पांच के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। आदर्श मंडी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिलावर गांव के रहने वाले शरण सिंह ने कोर्ट में लगाई याचिका में कहा कि उनकी भाभी सविता की मौत चार मई 2021 को हो गई थी। जबकि उनके पुत्र प्रशांत की मृत्यु सात अप्रैल 2009 को हो चुकी है। प्रशांत की पत्नी सोनिया का पुन: विवाह नीरज से वर्ष 2009 में हो गया था। सोनिया को एक पुत्री 20 फरवरी 2010 में हुई। भाभी सविता का सिलावर गांव के आंध्रा बैंक शाख में बचता खाता था। खाता खुलवाते समय उन्होंने अपना कोई भी नोमिनी नहीं बनाया था।
सविता की मृत्यु 4 मई 2021 को हो गई थी। उनकी मृत्यु के बाद सोनिया, नीरज, किशोरी निवासी दुल्हेरा जिला मुजफ्फरनगर ने 25 मई 2021 में सविता की मृत्यु के बाद तत्कालीन शाख प्रबंधक आंध्रा बैंक शाखा सिलावर हाल यूनियन बैंक ऑफ इंडिया व कर्मचारी ने सोनिया, नीरज आदि ने कूटरचित करके किशोरी को बालिग दर्शाते हुए नोमिनी बनाकर सविता का एकाउंट बंद करा दिया और किशोरी का खाता खुलवाकर सोनिया के एकाउंट का पैसा किशोरी के खाते में ट्रांसफर करा लिया। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग किया।
आरोप है कि मामले की शिकायत कई बार आदर्श मंडी थाने पर की गई मगर कोई सुनवाई नहीं की गई। पुलिस ने अब कोर्ट के आदेश पर शाहपुर के दुलहेरा निवासी सोनिया, उसके पति नीरज रघुवंशी, किशोरी, आदर्श मंडी क्षेत्र के सिलावर के आंध्रा बैंक शाखा के तत्कालीन बैंक प्रबंधक, बैंक कर्मचारी आंध्रा बैंक शाखा, हाल यूनियन बैंक शाखा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जल्द शुरू की जाएगी।