शामली। कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को फसल अवशेष जलाने से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम को लेकर बैठक हुई। जिलाधिकारी आलोक यादव ने अधिकारियों को फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और गांवों में बैठक कर किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दो एकड़ से कम भूमि पर फसल अवशेष जलाने पर पांच हजार, दो से पांच एकड़ तक 10 हजार और पांच एकड़ से अधिक भूमि पर 30 हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित है। डीएम ने गन्ना तौल केंद्रों, समितियों, धर्मकांटों और बीज-खाद केंद्रों पर भी किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए। डीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों में अवशेष जलाने की घटना मिलने पर लेखपाल और ग्राम सचिव की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद डीएम और एडीएम ने जागरूकता प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।