शामली। बृहस्पतिवार सुबह शुरू हुई बारिश से पूरे दिन होती रही, जिससे शहर में टापू बन गया। शहर के कई मौहल्लों-बाजारों और सरकारी कार्यालय परिसर में पानी भर जाने से आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक जुलाई से ही मानसून की दस्तक शुरू हो गई थी। मानसून आने के बाद अभी तक हल्की बूंदाबांदी चल रही थी। बृहस्पतिवार सुबह मौसम ने करवट बदली। साढ़े चार बजे से शुरू तेज बारिश आठ बजे तक चलती रही। दूसरे दौर में नौ बजे शुरू होकर पूर्वाह्न 11 बजे तक जमकर बारिश हुई।
जिससे कैराना रोड पर करमूखेड़ी बिजलीघर स्थित अधीक्षण कार्यालय जलमग्न हो गया। करमूखेड़ी बिजलीघर से लेकर सेंट फ्रांसिस स्कूल जाने वाला आम रास्ता में पानी से डूब गया। ढकैराना रोड पर नौकुंआ रोड, पटेलनगर, कांबोज गली, कबाड़ी बाजार, वीवी इंटर कालेज रोड, हनुमान रोड आदि नाली का पानी नालियां पार कर सड़कों पर आ गया। शहर के मिल रोड, नेहरू रोड, नगरपालिका परिसर, माजरा रोड टंकी रोड एसडीएम आवास, ब्लाक रोड, मोहल्ला पंसारियान, जीआरपी थाने में पानी भरने आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उधर, गोहरनी से शुरू होने वाला शहर से होकर करमूखेड़ी से पुल तक जाने वाले रजबाहे ओवरफ्लो होने से करमूखेड़ी और लिलौन गांव के जंगल में पानी भर गया है। बारिश के बाद पूरे दिन आकाश में बादल छाए रहे। पछुआ हवाएं चलने से बृहस्पतिवार को दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस नौ किमी हवाएं रिकार्ड की गई है। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार से लेकर आगामी मंगलवार तक बारिश होने की संभावना हैं।
100 एमएम बारिश रिकार्ड की
जिलेदार अंबुज कुमार ने बताया कि सुबह आठ बजे तक 93 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। शाम तक 100 एमएम से ज्यादा बारिश हुई है। इस मौसम की सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई है। पहाड़ों पर जबरदस्त बारिश होने से यमुना नहर में अतिरिक्त पानी छोड़ दिया गया है। यमुना नहर में गंगा और यमुना का मिलाकर 1200 से लेकर 1400 क्यूसेक पानी चल रहा है। इसके अलावा उपनिदेशक कृषि शिवकुमार केसरी ने बताया कि बारिश गन्ना-धान व ज्वार की फसलों के लिए अमृत बरस रहा है। बारिश होने से किसानों को धान और गन्ने की फसल को नलकूप से पानी नही देना पड़ेगा।