संवाद न्यूज एजेंसी
शामली/बाबरी/चौसाना/कैराना। बारिश के मौसम में पिछले साल ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार का प्रकोप फैला था। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने सबक नहीं लिया। जिले के चौसाना, बाबरी व कैराना क्षेत्र में फिर से बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। 15 दिन से अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनमें 40 प्रतिशत से ज्यादा मरीज वायरल, मलेरिया, टायफाइड के आ रहे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्ट मरीजों का उपचार करते मिले। कहीं स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को उपचार के लिए इंतजार करना पड़ा।
फार्मासिस्ट के भरोसे बाबरी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
बाबरी- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. दिग्विजय सिंह का स्थानांतरण करीब आठ माह पहले जिला बलिया हो गया था। उनके जाने के बाद अभी तक किसी चिकित्सा प्रभारी की तैनाती नहीं की गई है। पीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट नितिन त्यागी ही मरीजों को दवा दे रहे थे। इस केंद्र पर क्षेत्र के गांव बाबरी, कैड़ी, हिरनवाड़ा, सूरजपुर, रघुनाथपुर, मजिदपुरा, भंदोड़ा, रायपुर, गोगवान जलालपुर, बुटराड़ा आदि गांवों के मरीज आते हैं। फार्मासिस्ट ने बताया कि शनिवार को 63 मरीजों को दवा दी गई। इनमें कई मरीज बुखार पीड़ित थे।
15 दिन में तीन गुना बढ़े मरीज, स्टाफ की कमी
चौसाना। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले करीब 15 दिन में मरीजों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है। पहले मरीजों की संख्या 40-50 के आसपास रहती थी, लेकिन अब रोजाना 150 के करीब मरीज आ रहे हैं। हालांकि स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पीएचसी पर चिकित्सक अरविंद शर्मा और स्टाफ में रेशमा ही मौजूद हैं।
पीएचसी पर चौसाना के अतिरिक्त क्षेत्र के गांव खोड़समा, भड़ी व जिजौला आदि से बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। पिछले साल भी इन्हीं गांवों में बुखार का प्रकोप ज्यादा रहा। मरीजों का कहना है कि 10-15 दिन तक दवा लेने के बाद भी बुखार से छुटकारा नहीं मिल रहा है। ऐसे मरीज करनाल व शामली के निजी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। चिकित्सक अरविंद शर्मा का कहना है कि केंद्र पर मरीजों की संख्या को देखते हुए स्टाफ की कमी है। उन्होंने बताया कि पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है।
मरीजों में 40 प्रतिशत बुखार के मरीज
कैराना। सीएचसी में कस्बा व ग्रामीण क्षेत्रों से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पहले ओपीडी में मरीजों की संख्या 250-300 के आसपास रहती थी, लेकिन करीब दस दिन से मरीजों की संख्या रोजाना 400 से अधिक चल रही है। चिकित्साधिकारी डॉ. अंसार ने बताया कि 40 प्रतिशत मरीज बुखार के आ रहे हैं।
कोट
जिले में सीएचसी व पीएचसी समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। केंद्रों पर तैनात चिकित्सक और स्टाफ को मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांचकर उन्हें दवा उपलब्ध कराई जा रही है।-डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ