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Shamli News: खाद के बिना खेत सूने, किसानों की उम्मीदें मुरझाईं

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शामली/ऊन/बाबरी/चौसाना। रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही खेतों में बुवाई तो चल रही है, लेकिन खाद की किल्लत ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। डीएपी और यूरिया की कमी से किसान गेहूं और आलू की बुआई को लेकर गहरी चिंता में हैं। हालात यह हैं कि किसान दो माह से सरकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें मायूसी ही हाथ लग रही है।
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शनिवार को पड़ताल में जनपद की कई समितियों पर ताले लटके मिले, कहीं गोदाम खाली नजर आए, तो कहीं केवल यूरिया ही सीमित मात्रा में उपलब्ध थी।
शामली क्षेत्र : सहकारी समिति पर लटका ताला
गांव कुड़ाना सहकारी समिति पर ताला लटका मिला। किसान राकेश ने बताया कि दो महीने से डीएपी और यूरिया नहीं मिली। खेत सूखे पड़े हैं। फसल बोने में देरी से नुकसान तय है।
नवीन मंडी स्थित खाद गोदाम भी खाली मिला। वहीं गन्ना समिति परिसर स्थित सहकारी समिति में कर्मचारी योगेश ने बताया कि दो माह बाद खाद आई है, जिसे मंगलवार और शुक्रवार को बांटा जाएगा।
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मंडी रोड स्थित इफको गोदाम पर केवल नकद में यूरिया मिल रही थी। किसान मधुसूदन (जसाला) ने कहा कि पिछले एक हफ्ते से गोदाम के चक्कर काट रहा हूं। डीएपी तीन-चार दिन बाद आने की बात कही जा रही है।
चौसाना क्षेत्र : हरियाणा से महंगे दामों पर खरीद रहे खाद
बल्ला मजरा चौसाना समिति पर डीएपी नहीं मिली, जबकि यूरिया खाद सीमित मात्रा में उपलब्ध थी। समिति पर चौसाना, जिजौला, टोडा, अलमापुर, लक्ष्मीपुरा सहित दर्जनों गांवों के किसान निर्भर हैं। किसान सचिन चौधरी ने बताया कि डीएपी न मिलने से मजबूरन हरियाणा से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
किसान मोहर सिंह ने कहा कि अगर जल्द व्यवस्था नहीं हुई तो बुआई प्रभावित होगी। समिति के सचिव विपिन कुमार ने बताया कि जिले में डीएपी की कमी है, जल्द ही नई रैक आने की उम्मीद है।
हसनपुर लुहारी क्षेत्र : केवल यूरिया उपलब्ध
यहां की समिति पर केवल यूरिया खाद मिल रही थी। सचिव तरुण कुमार ने बताया पिछले सोमवार को खाद आवंटित हुई थी, अभी डीएपी खाद नहीं आई है।
थानाभवन क्षेत्र : जरूरत से कम खाद, किसान परेशान
थानाभवन और यारपुर समितियों पर भी डीएपी और यूरिया लगभग एक माह से नदारद हैं। हेड क्लर्क रवि कुमार ने बताया कि जल्द रैक आने वाली है।
किसान नफीस और रामानंद ने बताया कि जरूरत ज्यादा है लेकिन बोरे बहुत कम दिए जाते हैं। समय पर खाद न मिलने से फसल की पैदावार पर असर पड़ता है।

बिडौली क्षेत्र : खेत तैयार, पर डीएपी गायब
वेदखेड़ी सहकारी समिति पर भी खाद नहीं मिली। किसान श्याम सिंह ने बताया कई दिनों से चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन डीएपी खाद नहीं मिल रही। गेहूं की बुआई अटकी हुई है।
ऊन क्षेत्र : किसानों की उम्मीदें टूटीं
ऊन सहकारी समिति पर न डीएपी खाद थी, न यूरिया। किसान सुभाष, नरेंद्र, संजय, नीरज, सोम व रवि ने बताया कि हर रोज समिति के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हाथ खाली हैं। बुआई लेट हो रही है, फसल पर असर तय है।

-यूरिया की 2400 मीट्रिक टन रैक दो दिन पहले आ चुकी है, जबकि डीएपी की 1000 मीट्रिक टन रैक मुजफ्फरनगर पहुंच गई है। रविवार दोपहर तक सभी समितियों पर डीएपी उपलब्ध करा दी जाएगी। किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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-प्रदीप कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी
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