न्यूनतम समर्थन मूल्यों में हुई वृद्धि से किसानों नहीं होगा लाभ
शामली। कृषि मामलों के जानकार एवं उत्तर प्रदेश योजना आयोग के पूर्व सदस्य प्रो. सुधीर पंवार ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्यों में हुई वृद्धि से न तो किसान को कोई लाभ होगा और न ही सरकार का फसल विविधीकरण का उद्देश्य पूरा होगा। बुधवार को केंद्र सरकार ने इस वर्ष बोई जाने वाली रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्यों (एमएसपी) की घोषणा की है। प्रमुख फसल गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्यों में गेहूं में 40 रुपये क्विंटल की बढ़ोतरी करते हुए 2015 क्विंटल घोषित किया है, जबकि चने के मूल्यों में 130 रुपये की वृद्धि हुई है। मसूर एवं सरसों दोनों में 400 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। मसूर का एमएसपी 5500 रुपये तथा सरसों का 5050 रुपये होगा। खाद्य तेल में उपयोग होने वाले कुसुम का एमएसपी 114 रुपये बढ़ाते हुए 5441 रुपये घोषित किया है। सबसे कम वृद्धि 35 क्विंटल मोटे अनाज के रूप में काम आने वाले जौं में हुई है, जिसका एमएसपी 1635 रुपये क्विंटल होगा।