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Shamli News: किसानों ने नकारा आम बजट, सम्मान निधि वृद्घि, एमएसपी पर नहीं हुई कोई बात

Thu, 02 Feb 2023 09:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली आम बजट से संबंधित किसानों के फोटो सपा नेता प्रो. सुधीर पंवार।
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शामली। आज आम बजट को जिले के किसानों ने नकार दिया है। सम्मान निधि में वृद्घि न होने से किसान निराश हैं। इसके अलावा एमएसपी और कर्ज माफी पर कोई बात नहीं हुई। किसानों का कहना है कि यह बजट किसानों को कर्जदार बनाएगा। उन्होंने आम बजट को किसानों के लिए धोखा बताया है।
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किसानों को कर्जदार बनाने का बजट
आम बजट में न एमएसपी की बात हुई, न जीएसटी कम करने की। सम्मान निधि भी नहीं बढ़ाई गई। न गन्ने को लेकर कोई बात हुई और न मुफ्त बिजली पर कोई चर्चा की गई। किसान को 20 लाख करोड़ के कर्ज में डुबाने का लक्ष्य रखा गया है। जिससे देश का हर किसान कर्ज ले और घाटे की खेती करे। बाद में उसकी जमीन उद्योगपति अपने कब्जे में ले लें। यह किसान की जमीन छीनने का बजट है। किसान को कर्जदार बनाने का बजट है। -सवित मलिक राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान यूनियन।
- आम बजट में गांव और किसान मायूस

केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में गांव और किसान को मायूसी हाथ लगी है। गांव और किसान के विकास के लिए यह बजट निराशाजनक है। किसान की आय दोगुना करने संबंधित कृषि फसलों के लिए खाद और रासायनिक खाद बीज कृषि यंत्रों पर कोई अनुदान सिंचाई के लिए कोई योजना नहीं है। गांव विकास के लिए भी केंद्र सरकार ने कोई घोषणा नहीं की है। -सुनील पंवार, किसान नेता।
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- किसानों का नहीं चुनावी बजट है

बजट में चुनावों का ख्याल रखा है, किसानों का नहीं रखा गया। किसानों के लिए कुछ भी ठोस नहीं है। कोई सीधा फायदा नहीं दिया गया। सबका बजट घट गया। फसलों की एमएसपी की कोई बात नहीं हुई। किसानों पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है। कर्ज नहीं आमदनी बढ़ानी थी।-कपिल खाटियान, भाकियू एनसीआर महासचिव।
- आम बजट में किसानों व युवाओं का कोई ध्यान नहीं

इस बजट से किसानों को कोई लाभ नहीं है। यह केवल वोट बटोरने का बजट है। लेकिन किसान और युवा इतना भी मूर्ख नहीं हैं, जो इनके बहकावे आ जाएगा। बजट किसानों और नौजवानों के विपरीत बजट है। ऊंट के मुंह जीरा साबित हुआ है। रालोद बजट का पुरजोर विरोध करती है। सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई जारी रहेगी।- राजन जावला, पूर्व महासचिव छात्र सभा रालोद।
- पूरा नहीं हुआ आमदनी दोगुनी करने का वादा
जनता को इस बजट से बहुत उम्मीदें थीं, किसानों को 2022 में आमदनी दोगुनी करने वादा पूरा नहीं हुआ। युवाओं को दो करोड़ नौकरी प्रतिवर्ष और सभी गरीबों को पक्के घरों का वादा किया गया था। ग्रामीण भारत को रोजगार उपलब्ध कराने वाली मनरेगा की धनराशि पिछले वर्ष के संशोधित बजट से 33 प्रतिशत कम है। जबकि बजट से 18 प्रतिशत कृषि एवं संबद्ध विभाग का आवंटन जो पिछले बजट मे 3.84 प्रतिशत था। इस वर्ष घटकर 3.20 प्रतिशत रह गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण के लिए आवंटन में कमी एक दुखद पक्ष है। जबकि बजट का आकार और पूंजी निवेश उम्मीद बंधाता है। -वरिष्ठ नेता सपा सुधीर पंवार।

शामली आम बजट से संबंधित किसानों के फोटो सपा नेता प्रो. सुधीर पंवार।

शामली आम बजट से संबंधित किसानों के फोटो सपा नेता प्रो. सुधीर पंवार।

शामली आम बजट से संबंधित किसानों के फोटो सपा नेता प्रो. सुधीर पंवार।

शामली आम बजट से संबंधित किसानों के फोटो सपा नेता प्रो. सुधीर पंवार।

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