शामली। किसान दिवस महज औपचारिकता भर रहा गया है। किसान दिवस में न हो अपेक्षित संख्या में किसान ही पहुंच रहे हैं और न ही अधिकारी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। बुधवार को जब किसान दिवस हुआ, तो कई अधिकारी गैर हाजिर रहे तथा कई अधिकारी देरी से पहुंचे। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी भी जताई। गैर हाजिर अफसरों को नोटिस भेजने की चेतावनी दी है।
बुधवार को कलक्ट्रेट में सीडीओ यशु रुस्तगी की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। किसान दिवस में नहरों, रजवाहों की सफाई, शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, बिजली आदि समस्याओं पर मंथन किया गया। नाला गांव के किसान सुनील पंवार ने बताया कि नाला गांव के रजवाहे की दो किलोमीटर तक सफाई की गई है, उससे आगे की सफाई नहीं की गई। पिछले किसान दिवस में यह शिकायत की गई थी।
सीडीओ ने पूर्वी यमुना नहर के अधिशासी अभियंता को तलब किया है। नाला गांव के एक विद्यालय की कृषि भूमि कई साल से पट्टे पर नहीं दी गई है, जिससे खेती की भूमि बंजर बन रही है। जिले में 10 गांव शामिल होने के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले की सीमा निर्धारित नहीं की गई। जिससे कई सड़कों की मरम्मत नहीं हो रही है। बिजली की समस्याओं की चर्चा करते हुए कहा कि कनियान में बड़ा बिजलीघर बन रहा है। नाला गांव को कनियान से न जोड़कर जसाला गांव के बिजलीघर से जोड़ा गया है।
किसान रणधीर सिंह सल्फा ने निजी स्कूलों में बढ़ी हुई फीस और स्कूलों में किताबों, यूनिफार्म की दुकानों को बंद कराने की मांग की है। शहर के सरस्वती विद्या मंदिर में आरटीई के तहत प्रवेश न दिए जाने का मामला भी उठाया गया। बीएसए चंद्रशेखर ने कहा कि 25 प्रतिशत ही दाखिले आरटीई के तहत हुए हैं।
सीडीओ ने कहा कि हरियाणा-पानीपत, सोनीपत समेत कई जिलों में मशरूम की खेती से वहां के किसान अच्छा मुनाफा कमाते हैं। शामली जिले के किसानों को भी मशरूम की खेती करने पर ध्यान देना चाहिए। मशरूम की खेती की जानकारी देने के लिए हरियाणा के जिलों में किसानों का प्रतिनिधि मंडल भेजा जाएगा। बैठक में संचालन उपनिदेशक कृषि रामवीर कटारा ने किया।