निबंध प्रतियोगिता में फरहाना प्रथम
कांधला। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को महिला प्रकोष्ठ अंतर्गत महिला समानता दिवस मनाया गया। इसमें महिलाओं में उद्यमिता का विकास पर निबंध प्रतियोगिता हुई। इसमें फरहाना तृतीय वर्ष ने प्रथम स्थान, कीर्ति मलिक बीए तृतीय वर्ष ने द्वितीय तथा महक बीए तृतीय वर्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं, विचार गोष्ठी में एमए द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा पूजा ने महिला उद्यमिता पर और बीए द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा साजिया जंग ने भी महिला समानता पर विचार प्रस्तुत किए। डॉ. अंकिता त्यागी ने कहा महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व खेलों में मीराबाई चानू राष्ट्र विकास में योगदान दे रही हैं। महिला उद्यमिता का अर्थ महिलाओं की आर्थिक व सामाजिक क्षेत्रों में स्वतंत्रता है। महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका सीमा सिंह ने कहा कि पुराने समय में महिलाओं को कैद करके अधिकारों से उन्हें वंचित रखा जाता था। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे सभी अपने अधिकारों को जानें तथा सक्षम बनें। वहीं, अधिकारों का दुरुपयोग न करें।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. प्रमोद कुमारी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्त्री-पुरुष में समानता का होना इस समय बहुत ही जरूरी है। महिला समानता के लिए ब्रिटिश काल में राजा राममोहन राय ने सती प्रथा और बाल विवाह का अंत किया। महिला समानता के लिए यह अति आवश्यक था। उन्होंने बताया कि मुगल काल में स्त्रियों की दशा दयनीय थी।