फर्जी भर्ती का खुलासा ऊर्जा निगम के अधिकारियों को शिकायत के बाद हुआ। गिरोह के सदस्यों ने सोशल मीडिया फेसबुक, व्हाट्सएप पर खाता बनाकर ऊर्जा निगम में लाइनमैन और मीटर रीडर के पदों पर नियुक्ति के लिए पोस्ट डाली।
पोस्ट डालकर कहा कि यदि शामली में किसी को ऊर्जा निगम में लाइनमैन और मीटर रीडर के रूप में तैनात होना है तो वह उनके दिए गए नंबर पर संपर्क करें, जल्द ही नौकरी लगवा दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों को पता लगा है कि दिए गए नंबरों पर कई लोगों ने भी संपर्क किए।
नीरज ने दो दिन में तैनाती का वादा तो किया लेकिन अब अहमद का फोन तक रिसीव नहीं हो रहा। एसई का कहना है कि इस मामले की जांच की जिसमें गिरोह ने अहमद के अलावा अन्य कई युवकों से ठगी की है।
अब जेई के नेतृत्व में टीम बनाई गई है। वहीं, सभी एक्सईएन को भी मामले की गंभीरता से जांच कर गिरोह को पकड़वाने को कहा गया है। साथ ही इस मामले में पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि गिरोह के सदस्य अन्य लोगों को ठगी का शिकार नहीं बना सके। विभाग में कोई भर्ती नहीं निकाली गई।
एसई रामकुमार का कहना है कि वर्तमान में ऊर्जा निगम में कोई भर्ती नहीं निकाली गई है। पूर्व में कंपनी के माध्यम से ही मीटर रीडर और लाइनमैन रखे गए थे। ऊर्जा निगम में फर्जी भर्ती निकालने वालों की शिकायत झिंझाना के युवक ने की है। पुलिस के माध्यम से फर्जी भर्ती निकालने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।