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समायोजन होने तक जारी रहेगा धरना

Sat, 29 Jul 2017 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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strike - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से निराश जनपद के शिक्षामित्रों का बीएसए कार्यालय पर तीसरे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। जिसमें शिक्षामित्रों ने केंद्र, प्रदेश सरकार से संसद में अध्यादेश लाकर आरटीई के नियमों में परिवर्तन कर शिक्षामित्रों को रोजगार दिलाने की मांग की। शिक्षामित्रों ने मांग पूरी होने तक अनिश्चित कालीन धरना जारी रखने का आह्वान किया।
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शुक्रवार को भी बीएसए कार्यालय पर जिलाध्यक्ष प्रमोद शर्मा, चैनपाल के नेतृत्व में शिक्षामित्रों का सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध में धरना-प्रदर्शन जारी रहा। आदेश चौधरी ने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांग पूरी नहीं करेगी तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। कहा कि संसद में अध्यादेश लाकर नियमों में बदलाव कर शिक्षकों का सम्मान वापस दिलाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।

मांग पूरी होने तब तक कोई भी शिक्षामित्र स्कूल में नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि एक दशक से भी ज्यादा समय से शिक्षामित्रों ने बेसिक शिक्षा विभाग को अपने खून से सींचा है, जिसके बाद भी आज उनका रोजगार छीना जा रहा है। अब शिक्षामित्र उम्र ज्यादा होने के कारण अन्य जगह भी आवेदन नहीं कर सकते।
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धरने की अध्यक्षता दयाराम शास्त्री, संचालन अनिरुद्ध दीक्षित ने किया। अनुज शर्मा, अमित, मीनाक्षी,  अनुप्रिया, दर्शन, राजकुमार, नीरज, सविता, रीनू, दीपमाला, सारिका, रजनी बंसल आदि मौजूद रहे।   

धरने पर पहुंचे राजनैतिक संगठनों के लोग
बीएसए कार्यालय पर चल रहे शिक्षामित्रों के धरने पर शुक्रवार को सपा नेेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बहुत ही गलत हुआ है। कोर्ट के एक फैसले से पौने दो लाख शिक्षामित्रों का कॅरियर बर्बाद हो गया है।

जब से देश में नरेंद्र मोदी की सरकार बनी है, तब से लोगों के रोजगार छीने जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने पूर्व में हुई भर्तियों पर भी जांच बैठा दी है। यदि प्रदेश में सपा की सरकार होती तो अब तक कोई न कोई रास्ता निकाल लिया जाता। जबकि योगी सरकार ने अभी तक भी शिक्षामित्रों को किसी तरह का आश्वासन नहीं दिया है।

तीसरे दिन स्कूलों पर लटके रहे ताले
जनपद के जिन स्कूलों में शिक्षामित्र तैनात थे वहां सभी जगह स्कूल    शुक्रवार को भी बंद रहे, अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।     शिक्षामित्रों के आंदोलन से 80 से ज्यादा स्कूल प्रभावित हुए हैं। जिसमें      सबसे ज्यादा 45 स्कूल ऊन ब्लाक में हैं। शामली नगर में भी कई स्कूलों पर ताला लगा रहा। जबकि कार्यवाहक बीएसए भारत भूषण त्यागी ने बताया कि बंद चल रहे सभी स्कूलों मेें एक-एक शिक्षक तैनात कर दिया गया है। शनिवार को बंद चल रहे सभी स्कूल खुलेंगे। स्कूलों में शिक्षण कार्य किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
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