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Exclusive: अवैध हथियार तस्करों ने कोड वर्ड बदले, कारतूस बने पेट दर्द की गोली, पिस्टल मतलब खिलौना

Sat, 02 Sep 2023 04:26 PM IST
Dimple Sirohi महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली

सार

अवैध हथियारों की तस्करी पर पुलिस ने शिकंजा कसा तो सप्लायरों ने भी तौर तरीके बदल लिए। यूपी, हरियाणा और पंजाब के सप्लायर इंटरनेशनल नंबरों से डीलिंग कर रहे हैं। यही नहीं व्हाट्सएप बातचीत का सुरक्षित साधन बन रहा है। हाल ही में शामली के हथियार तस्करों के पकड़े जाने के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
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कारतूस खोखा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी पुलिस ने पिछले कुछ समय में बदमाशाें से लेकर हथियार तस्करों पर शिकंजा कसा है। पुलिस के शिकंजा कसने के बाद वेस्ट यूपी के हथियार तस्करों ने बिहार के पटना, मंगूर और मध्य प्रदेश के भिंड़ और धार आदि जिलों के हथियारों के तस्करों के साथ गठ जोड़ कर लिया है। यूपी के अलावा हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में हथियारों की तस्करी शुरू कर दी है।

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शामली में हाल ही में पानीपत पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ और जांच में वेस्ट यूपी के हथियार तस्करों के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। खास बात यह है कि उक्त हथियार तस्कर शामली के बजाए पंजाब, गाजियाबाद, दिल्ली में नकली आधार कार्ड बनवाकर फर्जी नाम रखकर रहते हैं।

हरियाण पुलिस ने वेस्ट यूपी की पुलिस को पत्र भेजकर गिरोह पर शिकंजा कसवाने में सहयोग की मांग की है। पूछताछ में सामने आया है कि सबसे अधिक हथियार और कारतूस मंगूर और धार, बिहार के पटना आदि जिलों से भेजे जा रहे हैं। शामली और अन्य जिलों की पुलिस भी हथियार तस्करों के इस गठजोड़ को तोड़ने में जुट गई है।
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दरअसल, हरियाणा के पानीपत जिले की पुलिस ने हाल ही में शामली के रहने वाले अवैध हथियार तस्कर सुनील उर्फ भूरा निवासी अलाउद्दीनपुर को पकड़ा था। इसके अलावा पुलिस ने शामली के तितरवाड़ा के रहने वाले शिवकुमार, गाजियाबाद के लोनी के जितेंद्र, कैराना के रहने वाले गफ्फार को पकड़ा था। सभी ने हथियारों की तस्करी की बात स्वीकार की थी।

इस गिरोह के अलावा अन्य गिरोह की जांच करने पर पूछताछ में पता चला कि यूपी पुलिस ने हथियार तस्करों पर शिकंजा कसा हुआ है, जिसके बाद से हथियार सप्लाई के लिए गिरोह ने अलग तरीका निकाल लिया। शामली के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बिजनौर, बुलंदशहर के लोगों ने हथियार सप्लाई के लिए बिहार के पटना, मंगूर और मध्य प्रदेश के भिंड़ और धार के तस्करों से गठ जोड़ कर लिया है।

सामने आया है कि वहां से 1500 से लेकर चार हजार रुपये में देशी तमंचा, पिस्टल आदि लेकर आते हैं और हरियाणा के पानीपत, रोहतक, हिसार, भिवानी, सिरसा और पंजाब के धुरी, लुधियाना, राजस्थान के भरतपुर, भीलवाड़ा, दिल्ली आदि जिलों में तीन से लेकर 6 हजार रुपये में बेचते हैं। इसके लिए इंटरनेशनल नंबर के व्हाट्सएप का प्रयोग किया जाता है। गिरोह में 15 से अधिक सदस्य वेस्ट यूपी के हैं, जो शामली और आसपास के जिलों के हैं।

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जिस जिले के रहने वाले वहां नहीं लेते शरण, फर्जी आधार कार्ड बनवाकर रहते हैं
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि शामली का रहने वाला सप्लायर सुनील और अन्य पंजाब के धुरी में नाम बदलकर भूरा नाम से रह रहा था। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्य यदि बागपत, मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं तो दिल्ली या फिर गाजियाबाद में नाम बदलकर रहते हैं। इसके लिए सभी ने दो से लेकर तीन फर्जी आधार कार्ड बनवाएं हुए हैं, ताकि कोई छापामारी हो तो पुलिस उन पर शक नहीं करें, समझें कि यह स्थानीय जिले के ही रहने वाले हैं।
 
ट्रेन बन रहीं हथियार तस्करी का जरिया
पानीपत सीआईए प्रभारी दीपक के अनुसार, जांच में सामने आया है कि वेस्ट यूपी के शामली और आसपास जिलों के तस्कर ट्रेनों के माध्यम से बिहार के पटना और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से हथियारों को थैले में ट्रेनों में रखकर लाया जाता है। हथियार से भरे थैले को ट्रेन की सीट के नीचे रख दिया जाता है। यदि कोई चेकिंग के लिए आता है तो थैला खुद का होने से गिरोह के सदस्य मना कर देते हैं। खास बात यह है कि गिरोह के सदस्य ग्रुप में ट्रेन में हथियार लेकर कभी नहीं आते हैं।
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कोड वर्ड बदले, व्हाट्सएप बना बातचीत का जरिया
पुलिस के अनुसार, अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह के सदस्यों ने हथियारों को बेचने के लिए कोड वर्ड भी बदल दिए हैं। पिस्टल को जहां व्हाट्सएप पर बातचीत करते समय बच्चों का खिलौना या पोशाक कहा जाता है। वहीं, देशी तमंचे को हैंडपंप, नलका, कारतूस को पेट दर्द की गोली के नाम से पुकारा जाता है, जबकि पहले हथियारों को माल आदि नामों से पुकारा जाता था।

पानीपत पुलिस ने छानी शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत की खाक
गिरोह के फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में पानीपत पुलिस ने शामली के अलावा मुजफ्फरनगर, बागपत और अन्य स्थानों की खाक छानी। जल्द गिरोह के फरार सदस्यों को पकड़ने का दावा किया है।

शामली पुलिस ने भी कई हथियार तस्करों को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई है। हरियाणा पुलिस का फरार तस्करों को पकड़वाने में सहयोग किया जाएगा। पुलिस टीम को भी तस्करों को पकड़ने के लिए लगाया गया है। हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर कई बदमाशों का ब्योरा तैयार कराया गया है। - अभिषेक, एसपी शामली
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